बिरला पर व्यक्तिगत हमला नहीं, सदन की मर्यादा बचाने के लिए संकल्प लाए: गोगोई

बिरला पर व्यक्तिगत हमला नहीं, सदन की मर्यादा बचाने के लिए संकल्प लाए: गोगोई

बिरला पर व्यक्तिगत हमला नहीं, सदन की मर्यादा बचाने के लिए संकल्प लाए: गोगोई
Modified Date: March 10, 2026 / 01:21 pm IST
Published Date: March 10, 2026 1:21 pm IST

नयी दिल्ली, 10 मार्च (भाषा) लोकसभा में कांग्रेस के उप नेता गौरव गोगोई ने कहा कि विपक्ष सदन में संकल्प लाकर अध्यक्ष ओम बिरला पर व्यक्तिगत आक्रमण नहीं कर रहा है, लेकिन सदन एवं संविधान की मर्यादा की रक्षा के लिए यह कदम उठाना पड़ा है।

बिरला को हटाने के लिए सदन में लाए गए संकल्प पर चर्चा की शुरुआत करते हुए गोगोई ने यह आरोप भी लगाया कि वर्तमान समय में लोकसभा में माइक को भी एक ‘अस्त्र’ की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है तथा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं को बोलने नहीं दिया जा रहा है।

इससे पहले कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद ने यह संकल्प सदन में प्रस्तुत किया।

गोगोई ने कहा, ‘‘देश को पता होना चाहिए कि किस तरह से संविधान और सदन की मर्यादा का उल्लंघन हो रहा है।’’

उन्होंने कहा कि इस संकल्प को लाने में विपक्ष को कोई खुशी नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘‘बिरला जी का व्यक्तिगत रूप से सभी के साथ रिश्ता अच्छा है। हमें यह संकल्प लाना पड़ रहा है। इस सदन की मर्यादा को बचाने और सदन में जनता का विश्वास कायम रखने के लिए धर्म का पालन करते हुए हम यह अविश्वास प्रस्ताव ला रहे हैं।’’

गोगोई ने कहा कि विपक्ष बिरला पर व्यक्तिगत रूप से हमला नहीं कर रहा है।

उनका कहना था, ‘‘इस मंदिर (संसद) का दरवााजा सबके लिए खुला हुआ है और इसके संचालन में अध्यक्ष की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है।’’

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘फरवरी में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर जब नेता प्रतिपक्ष बोलने के लिए खड़े हुए तब 20 बार व्यवधान पैदा किया गया। यह सिर्फ इसलिए किया गया क्योंकि वह कुछ महत्वपूर्ण मुद्दे उठाना चाहते थे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘जब भारत की सीमा पर पड़ोसी देश के टैंक आ रहे थे तो सेना राजनीतिक नेतृत्व की तरफ देखा रही थी, लेकिन उस समय देश के मुखिया कहते हैं कि जो उचित लगे वो कर लो।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि आज देश का नेतृत्व कमजोर है।

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने उनकी बात पर आपत्ति जताई।

इस पर गोगोई ने कि जब भविष्य में संसदीय रिकॉर्ड देखा जाएगा तो यह आंकड़ा दिखेगा कि सबसे ज्यादा व्यवधान पैदा करने वाले संसदीय कार्य मंत्री रीजीजू रहे हैं।

गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस नेता पर पलटवार करते हुए कहा कि वह इस बात से सहमत हैं कि बतौर संसदीय कार्य मंत्री सबसे ज्यादा व्यवधान किरेन रीजीजू ने पैदा किया, लेकिन इससे ज्यादा गैरजिम्मेदार विपक्ष भी कभी नहीं आया।

गोगोई ने इस बात का उल्लेख किया कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने यह विषय भी सदन में उठाया था कि अमेरिका के साथ व्यापार समझौता दबाव में किया गया है।

उनके मुताबिक, नेता प्रतिपक्ष ने कुछ महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए तो लोकसभा अध्यक्ष ने तथ्यों को सत्यापित करने के लिए कहा और नेता प्रतिपक्ष सत्यापित करने के लिए तैयार हुए, लेकिन सत्तापक्ष के लोग नहीं चाहते थे कि विषय उठाया जाए।

कांग्रेस नेता ने दावा किया कि नेता प्रतिपक्ष को पहले भी बोलने से रोका गया है।

भाषा हक

हक वैभव

वैभव


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