केरल में बिजली कटौती नहीं, ‘अधिक उपयोग’ के कारण बिजली आपूर्ति में बाधा आई: मंत्री कृष्णननकुट्टी
केरल में बिजली कटौती नहीं, ‘अधिक उपयोग’ के कारण बिजली आपूर्ति में बाधा आई: मंत्री कृष्णननकुट्टी
तिरुवनंतपुरम, 29 अप्रैल (भाषा) केरल के ऊर्जा मंत्री के. कृष्णननकुट्टी ने बुधवार को राज्य में किसी भी तरह की बिजली कटौती से इनकार किया। उन्होंने दावा किया है कि बिजली के अत्याधिक उपयोग के कारण ‘पावर ट्रिपिंग’ (बिजली की आपूर्ति अचानक कट जाना) की समस्या आ रही है।
कृष्णननकुट्टी ने दावा किया कि बिजली के ‘अत्यधिक इस्तेमाल’ के कारण ‘पावर ट्रिपिंग’ हो रही है, जिससे 5 से 10 मिनट के लिए बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है।
उन्होंने राज्य विद्युत विनियामक आयोग के साथ बैठक के बाद पत्रकारों से कहा, ‘फिलहाल राज्य में बिजली कटौती नहीं हो रही है।’
हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने भविष्य में बिजली कटौती की संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं किया है।
मंत्री ने बताया कि राज्य को वर्तमान में 250 मेगावाट बिजली प्राप्त हुई है और यदि अधिक आपूर्ति सुनिश्चित हो जाती है, तो भविष्य में कोई समस्या नहीं होगी।
उन्होंने कहा, ‘पिछले दिन हुई बारिश के कारण बिजली की कोई समस्या नहीं हुई। अधिक वर्षा होने पर इन समस्याओं का स्थायी समाधान हो जाएगा।’
केरल राज्य बिजली बोर्ड (केएसईबी) ने भी एक बयान जारी कर स्पष्ट किया कि राज्य में केवल ‘बिजली आपूर्ति पर मामूली प्रतिबंध’ लागू किए गए थे लेकिन कोई बिजली कटौती नहीं की गई।
बोर्ड ने बताया कि उसे विनियामक आयोग से 200 मेगावाट और केंद्र सरकार के बिजली केंद्रों से 200 मेगावाट अतिरिक्त बिजली मिली है, जिसकी वजह से राज्य के ज्यादातर हिस्सों में निर्बाध बिजली आपूर्ति की जा सकी।
बयान में कहा गया, ‘राज्य के मध्य और दक्षिणी हिस्सों में गर्मी के मौसम में हुई बारिश के बावजूद बिजली की मांग में कोई खास कमी नहीं आई। मंगलवार को राज्य की बिजली खपत 11.65 करोड़ यूनिट रही।’
केएसईबी ने यह भी स्वीकार किया कि मालाबार क्षेत्र के कुछ स्थानों पर कुछ बिजली के तारों पर दबाव बढ़ने के कारण मामूली प्रतिबंध लगाने की आवश्यकता पड़ी थी।
मंत्री और केएसईबी के ये बयान राज्य में बिजली आपूर्ति में व्यवधान के बाद व्यापक विरोध प्रदर्शनों के बीच आए हैं।
मंत्री ने हाल ही में कहा था कि बिजली का मौजूदा संकट अत्यधिक गर्मी और ‘इंडक्शन कुकर’ तथा ‘एयर कंडीशनर’ के बढ़ते इस्तेमाल के कारण पैदा हुआ है।
वहीं, बिजली संकट को लेकर विपक्षी संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) ने सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) के उस चुनावी दावे की कड़ी आलोचना की है, जिसमें एक दशक तक बिजली कटौती के बिना बिजली आपूर्ति करने का वादा किया गया था।
भाषा प्रचेता संतोष
संतोष

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