नोबेल पुरस्कार विजेता सत्यार्थी ने ज्ञान को करुणा के साथ जोड़ने का आह्वान किया
नोबेल पुरस्कार विजेता सत्यार्थी ने ज्ञान को करुणा के साथ जोड़ने का आह्वान किया
धनबाद (झारखंड), 21 मार्च (भाषा) नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी ने शनिवार को आईआईटी (आईएसएम)-धनबाद के छात्रों से ज्ञान को करुणा के साथ जोड़ने का आह्वान किया। संस्थान में शताब्दी व्याख्यान देते हुए सत्यार्थी ने कहा, ‘‘करुणा केवल सहानुभूति या समानुभूति नहीं है, बल्कि एक शक्तिशाली और क्रियाशील शक्ति है जो समाज को बदलने में सक्षम है।’’
उन्होंने समावेशी और मानवीय प्रगति सुनिश्चित करने के लिए तकनीकी विकास में नैतिक उत्तरदायित्व को समाहित करने का आह्वान किया।
सत्यार्थी ने लोगों से जागरूकता, भावनात्मक जुड़ाव और जवाबदेही विकसित करने का आग्रह किया।
समकालीन चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए, नोबेल पुरस्कार विजेता ने आधुनिक समाज में बढ़ती उदासीनता के प्रति आगाह किया और इस बात पर बल दिया कि प्रौद्योगिकी, शासन, व्यवसाय एवं न्यायपालिका सहित सभी क्षेत्रों में करुणा का भाव सर्वोपरि होना चाहिए।
उन्होंने छात्रों को ज्ञान और करुणा का संयोजन करते हुए बदलाव के वाहक बनने के लिए भी प्रोत्साहित किया।
भाषा राखी नेत्रपाल
नेत्रपाल

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