पूर्वोत्तर बिशप संस्था ने आदिवासी अधिकार कार्यकर्ता स्टेन स्वामी के निधन पर दुख जताया

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पूर्वोत्तर बिशप संस्था ने आदिवासी अधिकार कार्यकर्ता स्टेन स्वामी के निधन पर दुख जताया

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  • Publish Date - July 6, 2021 / 08:52 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 07:49 PM IST

गुवाहाटी, छह जुलाई (भाषा) ‘नॉर्थ ईस्ट इंडिया रिजनल बिशप्स काउंसिल’ (एनईआईआरबीसी) ने जेसुइट पादरी और आदिवासी अधिकार कार्यकर्ता स्टेन स्वामी के निधन पर मंगलवार को दुख जताया।

एल्गार परिषद-माओवादी संबंध मामले में आरोपी 84 वर्षीय स्वामी का सोमवार दोपहर मुंबई के एक अस्पताल में निधन हो गया। वह मामले में चिकित्सा आधार पर अंतरिम जमानत मिलने का इंतजार कर रहे थे।

एनईआईआरबीसी के उप सचिव फादर जीपी अमलराज ने एक बयान में कहा, “ हम यह नहीं समझ पा रहे हैं कि 84 वर्षीय सामाजिक कार्यकर्ता जो विभिन्न बीमारियों से काफी कमजोर हो चुके थे, उन्हें उस मामले में जमानत क्यों नहीं मिली जिसमें उन्होंने बेगुनाह होने का दावा किया था।”

अमलराज ने कहा कि इसने ‘ न्यायिक व्यवस्था में समाज का विश्वास हिला दिया है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की छवि को खराब किया है।”

उन्होंने कहा, “ हम कामना करते हैं कि उनकी बेगुनाही साबित हो तथा ज्यादा से ज्यादा लोग अपना जीवन गरीबों को समर्पित करने के लिए आगे आएं।” अमलराज ने कहा कि समुदाय स्वामी के और उनके करीबी रिश्तेदारों के लिए प्रार्थना करता है।

एल्गार परिषद का मामला महाराष्ट्र के पुणे में आयोजित एक सम्मेलन में कुछ कार्यकर्ताओं द्वारा 31 दिसंबर 2017 को कथित रुप से भड़काऊ भाषण देने से संबंधित है। पुलिस का दावा है कि इस वजह से अगले दिन कोरेगांव भीमा युद्ध स्मारक में हिंसा हुई। पुलिस का दावा है कि यह सम्मेलन उन लोगों ने आयोजित किया था जिनके माओवादियों से कथित रूप से संपर्क हैं।

भाषा

नोमान शाहिद

शाहिद