राम मंदिर चढ़ावा विवाद में केवल धन की नहीं, आस्था की भी चोरी की गयी : हिमाचल के मुख्यमंत्री सुक्खू

राम मंदिर चढ़ावा विवाद में केवल धन की नहीं, आस्था की भी चोरी की गयी : हिमाचल के मुख्यमंत्री सुक्खू

राम मंदिर चढ़ावा विवाद में केवल धन की नहीं, आस्था की भी चोरी की गयी : हिमाचल के मुख्यमंत्री सुक्खू
Modified Date: July 7, 2026 / 08:36 pm IST
Published Date: July 7, 2026 8:36 pm IST

शिमला, सात जुलाई (भाषा) हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार को कहा कि राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े विवाद में केवल धन की चोरी नहीं हुई है, बल्कि देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था की भी चोरी हुई है।

शिमला स्थित राम मंदिर के दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘‘हिंदू संस्कृति सभी धर्मों का सम्मान करना सिखाती है और भगवान राम के सच्चे अनुयायी उनके नाम पर राजनीति नहीं करते।’’ उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना की और ‘कीर्तन’ में भाग लिया।

सुक्खू ने बताया कि राज्य मंत्रिमंडल के सदस्यों ने भी राम मंदिर में पूजा-अर्चना की और प्रार्थना की कि मंदिर की दान राशि का दुरुपयोग करने वाले लोगों को सद्बुद्धि मिले और वे सही मार्ग पर लौटें।

उन्होंने कहा कि जो लोग भगवान राम और धर्म के नाम पर चंदा एकत्र करते हैं या राजनीति करते हैं, उन्हें पूरी ईमानदारी और सत्यनिष्ठा के साथ ऐसा करना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर जहां केंद्र सरकार ने आधे दिन का अवकाश घोषित किया था, वहीं हिमाचल प्रदेश सरकार ने पूरे दिन का सार्वजनिक अवकाश घोषित किया था।

सुक्खू ने कहा कि राम मंदिर निर्माण की प्रक्रिया शुरू कराने का श्रेय मुख्य रूप से पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को जाता है, जिनके नेतृत्व में राम जन्मभूमि स्थल के ताले खोले गए थे।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी भगवान राम में गहरी आस्था रखती है, लेकिन वह धार्मिक भावनाओं का राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने में विश्वास नहीं करती। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सभी धर्मों का सम्मान करती है, भगवान राम के आदर्शों का पालन करती है, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) केवल राजनीतिक लाभ के लिए भगवान राम के नाम का इस्तेमाल करती है।

इससे पहले मंगलवार को मुख्यमंत्री ने कई कैबिनेट मंत्रियों और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के साथ इंदिरा गांधी खेल परिसर से शिमला के राम बाजार स्थित राम मंदिर तक विरोध मार्च का नेतृत्व किया।

भाषा गोला अविनाश

अविनाश


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