अमेरिकी संस्थानों में पढ़ाई करने वाले भारतीय छात्रों की संख्या 6.9 प्रतिशत घटी : सरकार
अमेरिकी संस्थानों में पढ़ाई करने वाले भारतीय छात्रों की संख्या 6.9 प्रतिशत घटी : सरकार
नयी दिल्ली, दो अप्रैल (भाषा) सरकार ने बृहस्पतिवार को राज्यसभा को बताया कि अमेरिका में प्राथमिक शिक्षा से लेकर विश्वविद्यालय स्तर तक के विभिन्न पाठ्यक्रमों में 35 लाख से अधिक भारतीय छात्र पढ़ रहे हैं और उनकी संख्या में पिछले एक साल की तुलना में करीब 6.9 प्रतिशत की गिरावट आयी है।
विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने एक सवाल के लिखित जवाब में उच्च सदन को यह जानकारी दी। उन्होंने अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग के छात्र और विनिमय आगंतुक सूचना प्रणाली ‘‘मैपिंग टूल’’ द्वारा जारी कुछ आंकड़े साझा किए।
उन्होंने बताया कि फरवरी 2025 में अमेरिका में विभिन्न शैक्षणिक कार्यक्रमों (प्राथमिक, माध्यमिक, अन्य व्यावसायिक, हाई स्कूल, भाषा प्रशिक्षण, स्नातक, स्नातकोत्तर, डॉक्टरेट और अन्य) में अध्ययनरत भारतीय छात्रों की कुल संख्या 3,78,787 छात्र थी जो फरवरी 2026 में घटकर 3,52,644 छात्र हो गयी।
उन्होंने कहा कि यह आंकड़ा अमेरिकी शैक्षणिक संस्थानों में छात्रों के कुल नामांकन में लगभग 6.9 प्रतिशत की गिरावट दर्शाता है।
मंत्री ने बताया कि 18 जून 2025 को अमेरिकी विदेश विभाग ने ‘वीज़ा आवेदकों के लिए विस्तारित स्क्रीनिंग और जांच की घोषणा’ शीर्षक से एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की।
उन्होंने कहा कि इसमें उल्लेख किया गया है कि अमेरिका अपनी वीज़ा ‘स्क्रीनिंग’ और जांच प्रक्रिया में उपलब्ध सभी सूचनाओं का उपयोग उन वीज़ा आवेदकों की पहचान करने के लिए करता है जो अमेरिका में प्रवेश के लिए ‘अस्वीकार्य’ हैं, जिनमें वे लोग भी शामिल हैं जो अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा हैं।
मंत्री के अनुसार अमेरिकी प्रशासन ने यह भी घोषणा की है कि ‘‘अमेरिकी वीजा एक विशेषाधिकार है, अधिकार नहीं।’’
उन्होंने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि आठ जनवरी 2026 से ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों ने भारतीय आवेदकों के लिए साक्ष्य आवश्यकता स्तर को ‘‘ईएल 2’’ से संशोधित करके ‘‘ईएल 3’’ कर दिया है, जिससे ये व्यवस्थाएं प्रभावी रूप से वैसी ही हो गई हैं जैसी सितंबर 2025 से पूर्व प्रचलन में थीं।
उनसे सवाल किया गया था कि क्या सरकार को इस बात की जानकारी है कि ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने आठ जनवरी 2026 से अपने सरलीकृत छात्र वीज़ा ढांचे के तहत छात्र वीज़ा आवेदनों के लिए भारत को ‘‘उच्चतम जोखिम’’ श्रेणी में पुनर्वर्गीकृत कर दिया है, जिससे भारतीय आवेदकों की गहन जांच होगी।
इसके लिखित जवाब में मंत्री ने कहा, ‘‘जी हां, आठ जनवरी 2026 से ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों ने भारतीय आवेदकों के लिए साक्ष्य आवश्यकता स्तर को ईएल 2 से संशोधित कर ईएल 3 कर दिया है, जिससे ये व्यवस्थाएं प्रभावी रूप से वैसी ही हो गई हैं जैसी सितंबर 2025 से पूर्व प्रचलन में थीं।’’
उन्होंने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बढ़ती परस्पर लाभकारी शैक्षिक साझेदारी को देखते हुए भारत सरकार ऑस्ट्रेलियाई सरकार के साथ रचनात्मक संवाद में कर रही है। सरकार उच्च शिक्षा और अनुसंधान के लिए ऑस्ट्रेलिया जाने वाले भारतीय छात्रों को अधिकतम संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
भाषा अविनाश पवनेश
पवनेश

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