एसआईआर के युक्तिकरण के बाद दिल्ली में मतदान केंद्रों की संख्या बढ़ने की संभावना
एसआईआर के युक्तिकरण के बाद दिल्ली में मतदान केंद्रों की संख्या बढ़ने की संभावना
नयी दिल्ली, 21 अगस्त (भाषा) दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत युक्तिकरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मतदान केंद्रों की संख्या बढ़ने की संभावना है।
अधिकारियों ने बताया कि युक्तिकरण की प्रक्रिया के तहत जहां मतदाताओं की संख्या निर्धारित 1,200 की सीमा से अधिक होगी, वहां नए मतदान केंद्र बनाए जाएंगे। पहले यह सीमा 1,500 मतदाताओं की थी।
दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि एसआईआर से पहले के आंकड़ों के अनुसार, कुछ मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की संख्या 1,200 से अधिक है।
अधिकारी ने कहा, ‘‘जिला निर्वाचन अधिकारियों ने बदलाव के प्रस्ताव भेजे हैं और इनके मंजूर होने के बाद मतदाताओं को सूचना प्रौद्योगिकी प्रणाली में नए बनाए गए मतदान केंद्रों से जोड़ा जाएगा।’’
दिल्ली में फिलहाल 13 जिलों में करीब 3,000 मतदान स्थलों पर 13,033 मतदान केंद्र हैं। एक स्कूल जैसे मतदान स्थल पर चार से पांच मतदान केंद्र हो सकते हैं।
अधिकारियों ने बताया कि नए मतदान केंद्र या स्थल मौजूदा मतदान केंद्र के दो किलोमीटर के दायरे में रखे जाएंगे।
उन्होंने बताया कि यह प्रक्रिया एसआईआर से पहले के मतदाता आंकड़ों के आधार पर की जा रही है। 16 जून के आंकड़ों के अनुसार करीब 1.45 करोड़ मतदाता थे।
पहले, अंतिम मतदाता सूची 27 अक्टूबर को प्रकाशित होनी थी, लेकिन अब इसे चार नवंबर को प्रकाशित किया जाएगा। प्रारूप मतदाता सूची 31 अगस्त को जारी होगी।
इस संबंध में दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अवधि में भी बदलाव किया गया है। प्रारूप सूची से बाहर किए गए मतदाता 31 अगस्त से 30 सितंबर तक दावे और आपत्तियां दाखिल कर सकेंगे, जबकि अधिकारी 29 अक्टूबर तक इनका निपटारा करेंगे।
एसआईआर की शुरुआत 30 जून को बूथ स्तर अधिकारियों द्वारा घर-घर जाकर गणना प्रपत्र वितरित करने के साथ हुई थी। गणना की प्रक्रिया 17 अगस्त को पूरी हुई।
एसआईआर से पहले दिल्ली में 1.45 करोड़ मतदाताओं में से 47 लाख से अधिक मतदाताओं यानी करीब 33 प्रतिशत को ‘‘अनुपलब्ध’’ (जिनके गणना प्रपत्र प्राप्त नहीं हो सके) के रूप में चिह्नित किया गया, क्योंकि इस प्रक्रिया के दौरान उनके गणना प्रपत्रों का डिजिटलीकरण नहीं हो सका।
ये मतदाता 31 अगस्त को प्रकाशित होने वाली प्रारूप मतदाता सूची में शामिल नहीं होंगे। हालांकि, अनुपस्थित या स्थानांतरित श्रेणी में रखे गए मतदाता दावे और आपत्तियां दाखिल कर अंतिम मतदाता सूची में अपना नाम शामिल कराने का अनुरोध कर सकेंगे।
भाषा प्रचेता अविनाश
अविनाश

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