भुवनेश्वर, 25 सितंबर (भाषा) बीजू जनता दल (बीजद) के प्रमुख नवीन पटनायक ने संसद में संशोधित खान कानून के पारित होने के लिए शुक्रवार को ओडिशा के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसदों को जिम्मेदार ठहराया।
पटनायक ने मुख्यमंत्री से इसे लागू करने पर रोक लगाने की मांग की और कहा कि यह कानून राज्य के संवैधानिक अधिकारों का हनन करता है और इसकी प्रगति को रोकेगा।
पार्टी ने संशोधित खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम के विरोध में 28 सितंबर को विधानसभा के बाहर एक विशाल रैली आयोजित करने की घोषणा की है।
ओडिशा विधानसभा के मानसून सत्र में लगातार चार दिनों से हंगामे की स्थिति बनी हुई है। शुक्रवार को भी विपक्षी दल (बीजद और कांग्रेस) के विधायक गले में काला गमछा डालकर आए और कानून को वापस लेने की मांग करते हुए नारेबाजी करने लगे। इस वजह से विधानसभा की कार्यवाही शाम चार बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।’
सदन स्थगित होने के बाद नेता प्रतिपक्ष पटनायक ने कहा, ‘जहां तक ‘एमएमडीआर एक्ट’ (खान और खनिज विकास अधिनियम) का सवाल है, दूसरों को दोष क्यों देना जब संसद में भाजपा के ओडिशा से 20 लोकसभा सदस्यों ने इस विधेयक का समर्थन किया?’
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘बीजद इस मुद्दे को राज्य सरकार के सामने मजबूती से उठाएगी और उनसे इसे रोकने तथा इस पर विचार करने को कहेगी, क्योंकि इस प्रक्रिया से राज्य के राजस्व को भारी नुकसान हो सकता है।’
संसद द्वारा अगस्त में पारित संशोधित खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम के तहत केंद्र सरकार कानून में तय मापदंडों के अनुसार खनिज भंडार वाली जमीनों के नियमन (नियंत्रण और संचालन) को अपने हाथ में लेना चाहती है।
ओडिशा में विपक्षी दलों का आरोप है कि यह कानून खनिज समृद्ध राज्यों के ‘अधिकारों को छीनता है’ और उनकी वित्तीय स्वायत्तता को कमजोर करता है।
भाषा सुमित रंजन
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