ओडिशा: जीआरपी कांस्टेबल हत्या मामले में चार पुलिसकर्मी निलंबित

ओडिशा: जीआरपी कांस्टेबल हत्या मामले में चार पुलिसकर्मी निलंबित

ओडिशा: जीआरपी कांस्टेबल हत्या मामले में चार पुलिसकर्मी निलंबित
Modified Date: May 10, 2026 / 10:36 pm IST
Published Date: May 10, 2026 10:36 pm IST

भुवनेश्वर, 10 मई (भाषा) भुवनेश्वर के बाहरी इलाके में सात मई को राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) के कांस्टेबल की भीड़ द्वारा कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या करने के मामले में कम से कम चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया और दो होम गार्ड को सेवा से हटा दिया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि इसके अलावा, बालियंता पुलिस थाना के प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार परिडा को भुवनेश्वर मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है और उनकी जगह रश्मिता बेहरा को नियुक्त किया गया है।

पुलिस आयुक्त एस देव दत्ता सिंह ने बताया कि यह कार्रवाई इसलिए की गई, क्योंकि पुलिसकर्मी कथित तौर पर मौके पर पहुंचने के बावजूद कांस्टेबल की जान बचाने में विफल रहे।

सिंह ने समीक्षा बैठक के बाद सवादंदाताओं से बातचीत में कहा, ‘‘चार पुलिसकर्मियों और दो होम गार्डों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, क्योंकि वे समय पर घटनास्थल पर पहुंचने के बावजूद भीड़ से एक व्यक्ति की जान बचाने में विफल रहे। अपराध शाखा इस मामले की जांच कर रही है।’’

उन्होंने बताया कि समीक्षा बैठक के दौरान पुलिस व्यवस्था के मानकों में सुधार और जनता का विश्वास बहाल करने पर भी चर्चा हुई।

पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) वाई बी खुरानिया ने कहा कि बैठक में बालियंता और बालिपटना पुलिस थाना क्षेत्रों में हाल ही में हुई घटनाओं की समीक्षा की गई। उन्होंने कहा, ‘‘इस बात पर चर्चा हुई कि ऐसी घटनाएं कैसे हुईं और सुरक्षा की भावना को बहाल करने के लिए क्या करने की आवश्यकता है।’’

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के आदेश के बाद अपराध शाखा ने मामले की जांच का जिम्मा संभाल लिया है।

एक आधिकारिक बयान के मुताबिक , ‘‘कथित यौन उत्पीड़न और उसके बाद भीड़ हिंसा के कारण हुई मौत से जुड़े मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए, अपराध शाखा ने जांच अपने हाथ में ले ली है।’’

अधिकारियों ने बताया कि निलंबित किए गए चार कर्मियों में एक उप निरीक्षक , एक सहायक उपनिरीक्षक, ओडिशा सशस्त्र पुलिस बल का एक जवान और एक पीसीआर वैन का कांस्टेबल शामिल हैं। उनके मुताबिक, पीसीआर वैन में तैनात दो होम गार्ड को भी सेवा से मुक्त कर दिया गया है।

पीड़ित जीआरपी कांस्टेबल सौम्य रंजन स्वैन की कथित तौर पर एक महिला द्वारा बलात्कार की कोशिश करने का आरोप लगाए जाने के बाद भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी।

पुलिस ने बताया कि इस घटना के सिलसिले में अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

मृत कांस्टेबल के पिता ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में उनके बेटे की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। उन्होंने दावा किया कि घटना के दौरान कुछ अधिकारियों ने उनके साथ मारपीट की।

इस संबंध में दर्ज किए गए दो प्रमुख मामलों की जांच के लिए अपराध शाखा ने दो टीम गठित की हैं।

एक अधिकारी ने बताया कि जहां एक टीम महिला के साथ दुष्कर्म के प्रयास के आरोप की जांच कर रही है, वहीं दूसरी टीम भीड़ द्वारा व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या करने के मामले की जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

अधिकारियों ने बताया कि अपराध शाखा के वरिष्ठ अधिकारियों ने रविवार को घटनास्थल का दौरा किया और भीड़ द्वारा हत्या के मामले की जांच शुरू की।

अपराध शाखा के पुलिस अधीक्षक अनिरुद्ध राउत्रे और डीएसपी रत्नप्रभा सत्पथी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और जांच शुरू की।

अपराध शाखा द्वारा जारी बयान के मुताबिक, ‘‘कथित यौन उत्पीड़न और उसके बाद भीड़ द्वारा सौम्य रंजन स्वैन की हत्या मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए डीजीपी के आदेश पर सीआईडी ​​अपराध शाखा की कटक इकाई ने जांच अपने हाथ में ले ली है।’’

अपराध शाखा के पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी)बट्टुला गंगाधर ने कहा कि जांच में वैज्ञानिक तरीकों का इस्तेमाल करते हुए सभी पहलुओं की पड़ताल की जाएगी।

उन्होंने कहा,‘‘टीम मामलों के विभिन्न पहलुओं की जांच करेंगी और तार्किक निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए वैज्ञानिक विधियों का उपयोग करेंगी। हम फॉरेंसिक विज्ञान, खोजी कुत्तों और अन्य उपकरणों तथा तकनीकों की मदद लेंगे। यदि किसी पुलिस अधिकारी की ओर से कोई लापरवाही पाई जाती है, तो उसके खिलाफ कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाएगी।’’

पुलिस ने बताया कि यौन उत्पीड़न के प्रयास के आरोपों के बाद सात मई को बलियंता पुलिस थाना क्षेत्र में स्वैन और उसके साथी ओम प्रकाश राउत पर लगभग 40 लोगों की भीड़ ने हमला किया था।

पुलिस के मुताबिक, यह घटना तब घटी जब स्कूटर पर सवार दो महिलाओं को दो पुरुषों ने पीछे से टक्कर मार दी, जिसके बाद स्वैन ने कथित तौर पर उनमें से एक पर हमला किया, जिससे टकराव और भीड़ द्वारा हमला शुरू हो गया।

इस बीच, बीजू जनता दल (बीजद)और कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने राज्य सरकार की इस मामले को लेकर आलोचना की है। बीजद ने न्यायिक जांच की मांग की, जबकि कांग्रेस ने कानून-व्यवस्था बिगड़ने का आरोप लगाया। हालांकि, भाजपा ने कहा कि सरकार ने घटना के बाद तुरंत कार्रवाई की है।

भाषा धीरज दिलीप

दिलीप


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