स्टेन्स हत्याकांड के दोषी दारा सिंह की सजा माफी पर एक महीने पर फैसला करे ओडिशा सरकार: न्यायालय

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स्टेन्स हत्याकांड के दोषी दारा सिंह की सजा माफी पर एक महीने पर फैसला करे ओडिशा सरकार: न्यायालय

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  • Publish Date - July 15, 2026 / 12:53 PM IST,
    Updated On - July 15, 2026 / 12:53 PM IST

नयी दिल्ली, 15 जुलाई (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने ओडिशा सरकार को निर्देश दिया कि वह 1999 में क्योंझर जिले में ऑस्ट्रेलियाई मिशनरी ग्राहम स्टुअर्ट स्टेन्स और उनके दो नाबालिग बेटों की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे रवींद्र पाल उर्फ दारा पाल सिंह की सजा माफी अर्जी पर एक महीने के भीतर फैसला करे।

न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा और न्यायमूर्ति विजय बिश्नोई की पीठ ने राज्य सरकार द्वारा समय मांगे जाने के बाद मामले की सुनवाई 19 अगस्त के लिए सूचीबद्ध कर दी।

शीर्ष अदालत ने मंगलवार को ओडिशा सरकार के वकील से कहा, ‘‘उसे भी स्वतंत्रता दिवस मनाने दें। आपको 15 अगस्त तक फैसला लेना होगा।’’

इससे पहले भी पीठ ने राज्य की सजा समीक्षा समिति से सिंह की सजा माफी अर्जी पर फैसला लेने को कहा था।

मामले की अगली सुनवाई की तारीख तय करते हुए पीठ ने कहा, ‘‘ राज्य की ओर से अनुरोध किया गया है कि मामले को कुछ समय के लिए टाल दिया जाए, क्योंकि जिस समिति को फैसला लेना है, उसने रिकॉर्ड मंगाए हैं और वे रिकॉर्ड अभी तक उन्हें उपलब्ध नहीं कराए गए हैं।’’

शीर्ष अदालत ने कहा, ‘‘ इस बीच, हमें उम्मीद है कि समिति अपना फैसला ले लेगी।’’

क्योंझर जिले के मनोहरपुर गांव में 22-23 जनवरी 1999 की दरमियानी रात को सिंह की अगुवाई वाली एक भीड़ ने स्टेन्स और उनके दो बेटों (11 वर्षीय फिलिप और आठ वर्षीय टिमोथी) पर उस समय हमला किया जब वे अपनी गाड़ी में सो रहे थे।भीड़ ने गाड़ी में आग लगा दी थी।

तिहरे हत्याकांड के मुख्य आरोपी सिंह को 2003 में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत ने दोषी ठहराया और मौत की सज़ा सुनाई। वर्ष 2005 में उड़ीसा उच्च न्यायालय ने उसकी मौत की सजा को उम्रकैद में बदल दिया और 2011 में उच्चतम न्यायालय ने उच्च न्यायालय के फैसले को बरकरार रखा।

उच्चतम न्यायालय में मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान पीठ ने ओडिशा सरकार के वकील पी.वी. योगेश्वरन से सिंह की समय से पूर्व रिहाई की कार्यवाही की स्थिति के बारे में जानकारी मांगी।

राज्य सरकार की ओर से पेश वकील ने बताया कि समिति को जिला अदालत से कुछ दस्तावेजों की ज़रूरत है, जिन्हें मंगवाया जा रहा है।

उच्चतम न्यायालय ने पिछले साल 19 मार्च को ओडिशा सरकार से सजा माफी की अर्जी पर फैसला लेने को कहा था।

सिंह (63) ने 2024 में अदालत में समय पूर्व रिहाई की अनुमति देने का अनुरोध किया था। ​​सिंह ने दलील दी कि वह 24 साल से अधिक समय तक कारावास की सजा काट चुका है और ‘जवानी के जोश’ में किए गए कृत्य के लिए उसे ‘अफसोस’ है। अपनी अपील में उसने कहा कि वह कर्म के सिद्धांत में विश्वास करता है और अपने बुरे कर्मों के असर को ठीक करने के लिए अपने चरित्र को सुधारने का मौका चाहता है।

यह याचिका अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन के जरिए दाखिल की गई। अदालत से नरमी की गुहार लगाते हुए सिंह ने भरोसा दिलाया कि वह ‘‘सेवा-भाव वाले कामों’’ के जरिए समाज में अपना योगदान देगा।

भाषा धीरज नरेश

नरेश