ओडिशा: अब निजी स्कूल को उपलब्ध कराई गई पुस्तक में राष्ट्रगान और राज्य गीत में ‘गलतियां’ मिलीं
ओडिशा: अब निजी स्कूल को उपलब्ध कराई गई पुस्तक में राष्ट्रगान और राज्य गीत में ‘गलतियां’ मिलीं
भुवनेश्वर, पांच अगस्त (भाषा) ओडिशा सरकार के विद्यालयों की पाठ्यपुस्तकों में बड़े पैमाने पर त्रुटियां सामने आने के बाद अब अंग्रेजी माध्यम के निजी विद्यालयों में कक्षा-1 के विद्यार्थियों के लिए ओड़िया पाठ्यपुस्तक में राष्ट्रगान और राज्य गीत में भी कथित तौर पर गलतियां मिली हैं।
हालांकि ये स्कूल निजी हैं, लेकिन विद्यार्थियों के लिए ओड़िया भाषा की पाठ्यपुस्तकें राज्य सरकार उपलब्ध कराती है।
स्कूल एवं जन शिक्षा विभाग ने कहा कि ये आरोप ‘‘अनुचित’’ हैं, क्योंकि पाठ्यपुस्तकों में त्रुटियों को सुधारने की प्रक्रिया जारी है।
ये नई गलतियां ऐसे समय सामने आईं हैं जब ओडिशा पुलिस की सीआईडी-अपराध शाखा ओड़िया माध्यम के सरकारी स्कूलों में कक्षा एक से आठ तक के विद्यार्थियों की पाठ्यपुस्तकों में मिली बड़ी संख्या में त्रुटियों की जांच कर रही है।
विभाग की ओर से उपलब्ध कराई गई 55 पुस्तकों में वर्तनी की गलतियों और प्रतिष्ठित व्यक्तियों के नामों में त्रुटियों सहित 1,600 से अधिक गलतियां पाई गई थीं।
एक शिक्षक ने बताया, ‘‘झुलना-1 नामक ओड़िया पाठ्यपुस्तक में गंभीर गलतियां मिली हैं, जिसमें राष्ट्रगान में ‘उत्कल’ शब्द की वर्तनी में त्रुटि है।’’
जगतसिंहपुर जिले में कार्यरत एक शिक्षक ने बताया कि इसके अलावा ओडिशा के राज्य गीत ‘बंदे उत्कल जननी’ में भी गलती पाई गई है। शिक्षक ने कहा कि ‘घन घन बनभूमि’ (घने जंगलों की शृंखला) वाले वाक्यांश में एक ‘घन’ शब्द गायब है।
शिक्षकों ने यह भी आरोप लगाया कि भाषा की पाठ्यपुस्तक में ओड़िया वर्णमाला को असामान्य क्रम में प्रस्तुत किया गया है और इसकी शुरुआत स्वर ‘अ’ के बजाय व्यंजन ‘च’ से की गई है।
उन्होंने कहा कि यह पुस्तक बच्चों और शिक्षकों दोनों के लिए भ्रम पैदा कर रही है।
शिक्षकों ने विभाग पर यह आरोप भी लगाया कि कई स्कूलों को पुस्तक की जगह 168 पृष्ठों वाली पीडीएफ फाइल इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से भेजी गई।
इस वजह से अभिभावकों को पीडीएफ की प्रतियां निकलवाकर बच्चों को पढ़ाई के लिए देनी पड़ीं।
अभिभावकों ने सरकार से पाठ्यपुस्तकों की गलतियां सुधारने और पीडीएफ के बजाय मुद्रित प्रतियां उपलब्ध कराने की मांग की है।
इस बीच, स्कूल एवं जन शिक्षा विभाग ने पाठ्यपुस्तकों में नई गलतियों की खबरों को ‘‘अनुचित’’ बताते हुए खारिज कर दिया।
विभाग ने बुधवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘शिक्षाविदों और विशेषज्ञों से मिले सुझावों के आधार पर पाठ्यपुस्तकों में गलतियों को सुधारने का काम जारी है। संशोधित पाठ्यपुस्तकें जल्द ही विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जाएंगी।’’
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने पहले सामने आई पाठ्यपुस्तकों की बड़ी संख्या में गलतियों की जांच के लिए सीआईडी को आदेश दिया है।
माझी ने आशंका जताई है कि त्रुटिपूर्ण पाठ्यपुस्तकों के प्रकाशन के पीछे कोई ‘‘साजिश’’ हो सकती है।
भाषा अमित सुरेश
सुरेश

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