ओडिशा के विधायकों ने पेयजल की समस्या पर चिंता जताई
ओडिशा के विधायकों ने पेयजल की समस्या पर चिंता जताई
भुवनेश्वर, 10 मार्च (भाषा) ओडिशा के विधायकों ने मंगलवार को दलगत सीमा से परे गर्मी के मौसम से पहले राज्य के कई ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की कमी पर चिंता व्यक्त की।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के मनोरंजन ज्ञान सामंतराय, बीजू जनता दल (बीजद) की मुख्य सचेतक प्रमिला मलिक और विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के नेता राम चंद्र कदम सहित विधायकों ने विधानसभा के प्रश्नकाल के दौरान यह मुद्दा उठाया। सामंतराय ने चर्चा की शुरुआत करते हुए अपने चिकिटी निर्वाचन क्षेत्र की तीन पंचायतों में लोगों के लिए स्वच्छ पेयजल की कमी पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा, “पिछली सरकार ने इन तीन पंचायतों के निवासियों को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए कोई कदम नहीं उठाया जबकि भाजपा सरकार ने क्षेत्र में पानी की आपूर्ति के लिए टैंकर भेजे हैं।”
भाजपा विधायक ने कहा कि स्थायी समाधान की आवश्यकता है और विशाल जल आपूर्ति परियोजना का प्रस्ताव रखा गया लेकिन क्षेत्र में जल संग्रहण कुएं पर काम अब तक शुरू नहीं हुआ है।
मलिक ने जाजपुर जिले के दशरथपुर प्रखंड में कैंसर और गुर्दे संबंधी बीमारियों के बढ़ते मामलों पर चिंता व्यक्त की।
इन रोगों का कथित संबंध ट्यूबवेल के दूषित पानी के सेवन से बताया जा रहा है।
उन्होंने प्रखंड में सुरक्षित पेयजल सुनिश्चित करने के लिए उठाए जा रहे कदमों के बारे में स्पष्टीकरण मांगते हुए पूछा, “क्या सरकार को इसकी जानकारी है?”
कदम ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ग्रामीण निवासियों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने में विफल रही है।
उन्होंने कहा कि राज्य के सभी हिस्सों में पेयजल संकट है और विधायकों को जनता के गुस्से का सामना करना पड़ रहा है।
कांग्रेस नेता ने सरकार से पूछा कि विशाल पेयजल परियोजनाएं कब पूरी होंगी और सभी घरों को स्वच्छ जल कब मिलेगा।
पंचायती राज एवं पेयजल मंत्री रबी नारायण नाइक ने प्रश्नों के उत्तर में कहा कि पिछली सरकार ने अपने कार्यकाल में 26,000 ट्यूबवेल खुदवाए थे जबकि भाजपा सरकार ने एक वर्ष में ही इतने ही ट्यूबवेल खुदवाए हैं।
मंत्री द्वारा प्रश्न का उत्तर देते समय सत्ताधारी और विपक्षी सदस्यों के बीच तीखी बहस छिड़ गई, जिससे हंगामा हो गया।
उन्होंने विधानसभा को सूचित किया कि सरकार ने 68 लाख से अधिक घरों में नल से जल के कनेक्शन उपलब्ध करा दिए हैं, जिससे लगभग 77 प्रतिशत लोगों की पानी तक पहुंच सुनिश्चित हो गयी है।
नाइक ने बताया कि सभी ग्रामीण घरों में सुरक्षित और पर्याप्त पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने राज्य में कुल 207 विशाल पेयजल आपूर्ति परियोजनाएं शुरू की हैं।
मंत्री ने कहा कि इनमें से 26 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं और 28 अन्य परियोजनाएं इस महीने के अंत तक पूरी हो जाएंगी।
उन्होंने बताया, “हमने मार्च 2027 तक सभी शेष परियोजनाओं को पूरा करने का लक्ष्य रखा है।”
नाइक ने बताया कि उचित योजना के अभाव में लगभग 18 परियोजनाओं में जल स्रोत को अन्य स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया गया है।
नाइक ने कहा कि सरकार दशरथपुर में दूषित पानी की खबरों से अवगत है और क्षेत्र में जारी विशाल पेयजल परियोजना जून तक पूरी हो जाएगी, क्योंकि इसका 96 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।
मंत्री ने सभी विधायकों से आगे आकर लंबित पेयजल परियोजनाओं को शीघ्र पूरा करने में सरकार की मदद करने की अपील की।
भाषा जितेंद्र पवनेश
पवनेश

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