ओडिशा पुलिस ने कोरापुट में हशीश तेल के व्यापार रैकेट की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया
ओडिशा पुलिस ने कोरापुट में हशीश तेल के व्यापार रैकेट की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया
कोरापुट (ओडिशा), 28 फरवरी (भाषा) ओडिशा पुलिस ने शनिवार को कोरापुट जिले के एक द्वीप से संचालित हो रहे अवैध हशीश तेल व्यापार गिरोह की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। दो दिन पहले इसी द्वीप से 225 करोड़ रुपये मूल्य के मादक पदार्थ जब्त किये गए थे। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।
कोरापुट जिले के जोलापुट जलाशय के भीतर एक दूरस्थ द्वीप पर छापेमारी के 30 घंटों के भीतर पुलिस ने अंतरराज्यीय हशीश तेल सिंडिकेट के कथित सरगना समेत कम से कम छह लोगों को गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने इसे ओडिशा के इतिहास में मादक पदार्थों के खिलाफ सबसे महत्वपूर्ण कार्रवाइयों में से एक बताया है।
ये गिरफ्तारियां 26 फरवरी को ओडिशा-आंध्र प्रदेश सीमा पर पडवा पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत घने जंगल में एक अत्याधुनिक, अस्थायी हशीश तेल निर्माण इकाई को नष्ट करने के बाद की गईं।
छापेमारी के परिणामस्वरूप 225 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य का 1,800.5 लीटर हशीश का तेल और लगभग पांच करोड़ रुपये मूल्य का 1,000 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया।
पुलिस ने एक पूर्ण विकसित अस्थायी प्रयोगशाला के लिये इस्तेमाल किये जा रहे सामान को जब्त किया, जिसमें 28 केवी का जनरेटर, विशेष पाइपिंग, धातु कनेक्टर, भंडारण ड्रम और लगभग 80 लीटर विलायक से सुसज्जित संशोधित प्रेशर कुकर शामिल थे।
एक आरोपी को मौके पर ही पकड़ लिया गया, जबकि कथित सरगना और उसके साथी पुलिस के पहुंचने से कुछ ही क्षण पहले जंगल में भागने में सफल रहे।
दक्षिण-पश्चिमी रेंज के पुलिस उप-महानिरीक्षक (डीआईजी) कंवर विशाल सिंह ने संवाददाताओं को बताया, ‘सभी घाट और संभावित भागने के रास्तों को सील कर दिया गया था। जलाशय के अंदर लगातार नावों से गश्त की गई। छह टीमों ने अभियान संचालित किया, जबकि घने जंगल में गतिविधियों पर नजर रखने के लिए कई क्षेत्रों में ड्रोन तैनात किए गए।’
पुलिस ने दुर्गम भूभाग के बावजूद तिरुवनंतपुरम के रहने वाले एलन जयराज (33) को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की, जिसकी पहचान गिरोह के सरगना के रूप में हुई है। केरल के किरण डी (33), आनंद राज (28) और बिट्टू बी (34), स्थानीय दलाल मलकानगिरी के लालचन खिल्ला (25) और कोरापुट के साधु पांगी (45) को भी गिरफ्तार किया गया।
डीआईजी ने कहा, ‘यह एक सुनियोजित गिरोह था जिसके पास तकनीकी विशेषज्ञता और अंतरराज्यीय संपर्क थे। छापेमारी के कुछ ही घंटों के भीतर प्रयोगशाला को नष्ट करके और सरगना को गिरफ्तार करके, हमने इस गिरोह की मुख्य कड़ी पर प्रहार किया है।’
उन्होंने बताया कि जांच की निगरानी के लिए कोरापुट के पुलिस अधीक्षक (एसपी) रोहित वर्मा की देखरेख में एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया है।
डीआईजी ने कहा, “आरोपी को पुलिस हिरासत में लिया जाएगा और फॉरेंसिक व वित्तीय जांच जारी है। तस्करी की कड़ी में अग्रिम और पूर्ववर्ती कड़ियों का पता लगाने के लिए कई टीमें अन्य राज्यों में भेजी जा रही हैं।”
पुलिस ने बताया कि हशीश का तेल गांजे की पत्तियों से तैयार किया जाता है।
भाषा
राखी प्रशांत
प्रशांत

Facebook


