ओडिशा: राज्यसभा की चार सीट के लिए मतदान समाप्त
ओडिशा: राज्यसभा की चार सीट के लिए मतदान समाप्त
भुवनेश्वर, 16 मार्च (भाषा) ओडिशा में राज्यसभा की चार सीट के लिए सोमवार शाम छह बजे मतदान संपन्न हो गया, लेकिन मतदान प्रक्रिया के दौरान सियासी हलचल तेज हो गयी।
विपक्षी बीजू जनता दल (बीजद) और कांग्रेस के कम से कम पांच विधायकों द्वारा भारतीय जनता पार्टी समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप राय के पक्ष में मतदान किए जाने की खबरों ने चुनावी समीकरणों को लेकर नयी चर्चाओं को जन्म दे दिया।
राज्य में 12 वर्ष के अंतराल के बाद राज्यसभा के लिए मतदान हुआ, क्योंकि इस बार दो अप्रैल को रिक्त होने वाली चार सीटों के लिए पांच उम्मीदवार मैदान में हैं।
मतदान सुबह नौ बजे शुरू हुआ और दोपहर 12 बजे तक तीन घंटे तक शांतिपूर्ण ढंग से चलता रहा। हालांकि, इसके बाद उस समय तीखी बहस छिड़ गई जब निर्वाचन अधिकारियों ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)के एक विधायक को दूसरा मतपत्र जारी किया, क्योंकि उन्होंने पहले दिए गए मतपत्र पर लिखते समय त्रुटि कर दी थी।
भाजपा, बीजद और कांग्रेस के पार्टी एजेंट के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। विपक्षी एजेंट ने दूसरे मतपत्र के आवंटन का विरोध करते हुए इसे “अवैध” और नियमों के विरुद्ध बताया।
बीजू जनता दल के अध्यक्ष नवीन पटनायक ने कहा, “ब्रहमगिरि की महिला विधायक से मतदान के दौरान स्पष्ट त्रुटि हुई। हालांकि, मतदान कक्ष में मौजूद एवं प्रभारी अधिकारियों ने अवैध तरीके से उनका मत स्वीकार कर उन्हें दूसरा मतपत्र जारी कर दिया। यह पूरी तरह लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ और चुनाव नियमों का उल्लंघन है…।’’
इस बीच, बीजद विधायक नबा किशोर मलिक पर आरोप है कि जब वह राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान करने पहुंचे तो बाहरी लोगों ने उनके साथ धक्का-मुक्की की।
सुबह नौ बजे मतदान शुरू होते ही स्वास्थ्य एवं संसदीय कार्य मंत्री मुकेश महालिंग ने सबसे पहले अपने मताधिकार का प्रयोग किया, उसके बाद राजस्व मंत्री सुरेश पुजारी ने मतदान किया, जो दिल्ली में इलाज के बाद ओडिशा लौट आए थे।
विपक्ष के नेता और बीजद अध्यक्ष नवीन पटनायक ने भी मताधिकार का प्रयोग किया, जबकि विधानसभा परिसर में स्थित मतदान केंद्र पर कई विधायक मतदान करने के लिए कतार में खड़े थे।
कम से कम पांच विधायकों ने सत्तारूढ़ भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप राय के पक्ष में कथित तौर पर मतदान किया। इन विधायकों में तीन कांग्रेस और दो बीजद के बताए जा रहे हैं।
ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भक्त चरण दास ने संवाददाताओं से कहा कि पार्टी के तीन विधायक रमेश जेना, दशरथी गोमांगो और सोफिया फिरदौस ने “भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में मतदान किया है।”
बांकी से बीजद के विधायक देवी रंजन त्रिपाठी ने भी घोषणा की कि उन्होंने भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार के पक्ष में वोट डाला है।
बीजद के एक अन्य विधायक सौविक विश्वाल की पत्नी डॉ. अनन्या प्रियदर्शिनी ने दावा किया कि उनके पति ने भी राय के पक्ष में मतदान किया।
बीजद अध्यक्ष और ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी प्रमुख, दोनों उस समय हैरान रह गए जब उनके विधायक खुलकर भाजपा समर्थित दिलीप राय के पक्ष में सामने आ गए।
दास ने कहा, “पार्टी अनुशासन तोड़ने वाले सदस्यों के खिलाफ निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी।”
पटनायक ने कहा, “मैंने पहले ही कहा था कि भाजपा और उसके सहयोगी ‘खरीद-फरोख्त’ में लिप्त होंगे। जिन विपक्षी सदस्यों ने भाजपा के पक्ष में मतदान किया है, उनके खिलाफ आपराधिक मामले हैं और वे जेल जा चुके हैं।”
यह मतदान दो अप्रैल को ओडिशा से रिक्त हो रहीं राज्यसभा चार सीटों के लिए हुआ, जिनके लिए पांच उम्मीदवार मैदान में हैं।
भाजपा ने अपने दो उम्मीदवार प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन सामल और मौजूदा राज्यसभा सदस्य सुजीत कुमार को मैदान में उतारा है। पूर्व केंद्रीय मंत्री दिलीप राय निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं और उन्हें भाजपा का समर्थन प्राप्त है।
बीजद ने पार्टी नेता संतृप्त मिश्रा और प्रख्यात डॉ. दत्तेश्वर होता को उम्मीदवार बनाया है, जिन्हें कांग्रेस और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी का समर्थन हासिल है।
भाषा खारी नरेश
नरेश

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