भुवनेश्वर, 12 नवंबर (भाषा) ओडिशा के नुआपाड़ा विधानसभा क्षेत्र में मंगलवार को हुए उपचुनाव में भारी मतदान हुआ और 2.53 लाख से अधिक मतदाताओं में से 83.45 प्रतिशत ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि मतदान प्रतिशत 13 मई, 2024 को हुए पिछले आम विधानसभा चुनाव की तुलना में लगभग 8.01 प्रतिशत अधिक है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) आर एस गोपालन ने कहा, ‘‘नुआपाड़ा उपचुनाव में ऐतिहासिक 83.45 प्रतिशत मतदान हुआ। मतदान में यह उत्साहपूर्ण भागीदारी नुआपाड़ा के लोगों की लोकतंत्र में आस्था और विश्वास को दर्शाती है। सभी मतदाताओं का हार्दिक आभार जिन्होंने भारी संख्या में मतदान करके लोकतंत्र के इस उत्सव को सफल बनाया। मतदाताओं में जागरूकता पैदा करने के लिए समर्पित प्रयास करने वाले सभी चुनाव अधिकारियों और कर्मचारियों का धन्यवाद।’’
अधिकारियों के अनुसार, माओवाद प्रभावित माने जाने वाले सुनाबेड़ा वन्यजीव अभयारण्य के आठ मतदान केंद्रों पर इस बार 70 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ।
सीईओ ने कहा कि 11 नवंबर को मतदान की तारीख से काफी पहले किए गए कड़े सुरक्षा उपायों के कारण माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोगों ने वोट डाला।
निर्वाचन आयोग ने इस बार इन आठ मतदान केंद्रों पर लगभग 4,000 मतदाताओं के लिए सुचारू मतदान सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय किए।
उन्होंने कहा कि अधिकारियों को इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) और अन्य मतदान सामग्री के साथ भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर द्वारा माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचाया गया और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) ने मंगलवार को शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित किया।
गोपालन ने बताया कि 358 मतदान केंद्रों पर मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। उन्होंने कहा कि हालांकि, मतदान के दौरान दो पीठासीन अधिकारियों को मतदान गोपनीयता भंग करने के आरोप में निलंबित कर दिया गया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए राज्य मुख्यालय से मतदान प्रक्रिया पर निरंतर निगरानी रखी गई।
नुआपाड़ा में बीजू जनता दल (बीजद) विधायक एवं पूर्व मंत्री राजेंद्र ढोलकिया के निधन के कारण उपचुनाव कराना पड़ा। इस उपचुनाव में ढोलकिया के बेटे जय भाजपा उम्मीदवार के रूप में मैदान में हैं, जबकि बीजद ने अपनी महिला शाखा की प्रमुख स्नेहांगिनी छुरिया को मैदान में उतारा है।
कांग्रेस ने वरिष्ठ आदिवासी नेता घासीराम माझी को उम्मीदवार बनाया है। कई अन्य उम्मीदवार भी मैदान में हैं। सभी 14 उम्मीदवारों का चुनावी भाग्य अब ईवीएम में बंद हो गया है। मतगणना 14 नवंबर को होगी।
उपचुनाव में भारी मतदान के बारे में पूछे जाने पर, भाजपा के वरिष्ठ नेता जयनारायण मिश्रा ने कहा, ‘ओडिशा में आमतौर पर अप्रैल या मई में चुनाव होते हैं, जब बहुत से लोग, खासकर प्रवासी मजदूर अपने गांवों से दूर रहते हैं। इस बार, मतदान नवंबर में हुआ है, जब बहुत से लोग अपने गांवों में थे, और इस वजह से भारी मतदान हुआ।’’
हालांकि, बीजद नेता प्रमिला मलिक ने कहा कि इस बार उपचुनाव में अधिक महिलाओं ने हिस्सा लिया क्योंकि पार्टी ने एक महिला उम्मीदवार को मैदान में उतारा था।
नुआपाड़ा में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुष मतदाताओं से अधिक है। कुल 2,53,624 मतदाताओं में से 1,29,495 महिलाएं हैं जबकि पुरुष मतदाताओं की संख्या 1,24,108 है।
भाषा अमित देवेंद्र
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