ओडिशा में पिछले साल दुष्कर्म के 2,994 मामले और छेड़छाड़ की 7,382 शिकायतें दर्ज हुईं : मुख्यमंत्री

ओडिशा में पिछले साल दुष्कर्म के 2,994 मामले और छेड़छाड़ की 7,382 शिकायतें दर्ज हुईं : मुख्यमंत्री

ओडिशा में पिछले साल दुष्कर्म के 2,994 मामले और छेड़छाड़ की 7,382 शिकायतें दर्ज हुईं : मुख्यमंत्री
Modified Date: February 23, 2026 / 05:00 pm IST
Published Date: February 23, 2026 5:00 pm IST

भुवनेश्वर, 23 फरवरी (भाषा) ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सोमवार को विधानसभा को सूचित किया कि पिछले साल राज्य में दुष्कर्म के 2,994 और छेड़छाड़ के 7,382 मामले दर्ज किए गए थे।

मुख्यमंत्री ने विपक्षी बीजू जनता दल (बीजद) के विधायक प्रसन्ना आचार्य के एक लिखित प्रश्न के उत्तर में बताया कि 2025 में ओडिशा के विभिन्न पुलिस थानों में महिलाओं के खिलाफ अपराध के कुल 33,021 मामले दर्ज किए गए।

उन्होंने बताया कि पिछले साल राज्य में यौन उत्पीड़न के 1183 मामले, बलात्कार के प्रयास के 115 मामले, महिलाओं को निर्वस्त्र करने के 1448 मामले, महिलाओं के अपहरण के 7378 मामले, ताक-झांक के 127 मामले, दहेज उत्पीड़न के 4,361 मामले और गैर-दहेज उत्पीड़न के 5,419 मामले दर्ज किए गए।

माझी ने बताया कि इसी तरह 2025 में छेड़छाड़ के 757 मामले, बीएनएस की धारा 69 (शादी का झांसा देकर यौन उत्पीड़न करना)के तहत 702 मामले, बीएनएस की धारा 68 (अधिकारी द्वारा यौन उत्पीड़न) के तहत दो मामले, पीछा करने के 485 मामले, तेजाब हमले के प्रयास का एक मामला, महिलाओं की तस्करी के 111 मामले, दहेज हत्या के 145 मामले और दहेज से संबंधित आत्महत्या के 77 मामले भी दर्ज किए गए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में बलात्कार सहित महिलाओं के खिलाफ अपराधों को रोकने के लिए कई कदम उठाए गए हैं।

उन्होंने बताया कि भुवनेश्वर स्थित महिला एवं बाल अपराध शाखा (सीएडब्ल्यू एंड सीडब्ल्यू) महिलाओं के खिलाफ अपराधों के महत्वपूर्ण और संवेदनशील मामलों की जांच पर नजर रख रही है और उन्हें ‘रेड-फ्लैग’ मामलों के रूप में वर्गीकृत कर रही है। माझी ने बताया कि शाखा संवेदनशील मामलों और अदालत में चल रही सुनवाई की नियमित निगरानी के लिए एक जांच अधिकारी नियुक्त करती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जांच अधिकारियों को ऐसे मामलों के अन्वेषण में तेजी लाने के लिए कहा गया है।

उन्होंने बताया कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों की जांच करने वाली इकाइयां विभिन्न जिलों में कार्यरत हैं। ये इकाइयां महत्वपूर्ण और संवेदनशील मामलों की जांच करती हैं।

मुख्यमंत्री ने सदन को बताया कि एकीकृत मानव तस्करी रोधी इकाई (आईएएचटीयू) सभी 36 पुलिस जिलों में कार्यरत है। ये इकाइयां गुमशुदा महिलाओं और बच्चों के मामलों की जांच करती हैं।

भाषा धीरज माधव

माधव


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