ओडिशा का पुरी शहर बंगाल चुनाव प्रचार का केंद्र बन गया

ओडिशा का पुरी शहर बंगाल चुनाव प्रचार का केंद्र बन गया

ओडिशा का पुरी शहर बंगाल चुनाव प्रचार का केंद्र बन गया
Modified Date: April 11, 2026 / 09:35 pm IST
Published Date: April 11, 2026 9:35 pm IST

पुरी, 11 अप्रैल (भाषा) ओडिशा के तीर्थ नगर पुरी में जगह-जगह पश्चिम बंगाल के मतदाताओं से बांग्ला भाषा में मतदान करने की अपील लिखे पोस्टर दिखाई दे रहे हैं, जिससे पवित्र स्थल के कथित राजनीतिकरण को लेकर आलोचनाएं हो रहीं हैं।

सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपने ‘‘कमल’’ चिन्ह वाले पोस्टर लगाए हैं और भगवान जगन्नाथ के भक्तों से पश्चिम बंगाल में पार्टी के लिए समर्थन किए जाने की अपील की।

पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में चुनाव होने हैं।

प्रचार सामग्री को रणनीतिक रूप से समुद्र तट, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और जगन्नाथ मंदिर के पास स्थित ग्रैंड रोड जैसे उन स्थानों पर लगाया गया है जहां तीर्थयात्रियों और पर्यटकों की भीड़ रहती है।

स्वर्गद्वार श्मशान घाट क्षेत्र में भी ऐसे पोस्टर देखे गए हैं। इस इलाके को बंगाल निवासी दुकानदारों और आगंतुकों की मौजूदगी के कारण अक्सर ‘‘मिनी-बंगाल’’ कहा जाता है।

चुनाव प्रचार सामग्री में बंगाली पर्यटकों की ओर ध्यान दिया जा रहा है, जिसमें उनसे पश्चिम बंगाल चुनावों में भाजपा को वोट देने का आग्रह किया गया है।

कुछ पर्यटकों ने इस अभियान के प्रति असहमति व्यक्त की।

एक पर्यटक प्रतिमा बसु ने कहा, ‘‘हम चुनाव प्रचार की गहमागहमी से दूर रहने और सुकून के लिए पुरी आए हैं। हमारा मुख्य उद्देश्य भगवान जगन्नाथ को नमन करना है।’’

इस घटनाक्रम से विपक्षी दल बीजू जनता दल (बीजद) भी खुश नहीं है।

बीजद राज्यसभा सदस्य शुभाशीष खुंटिया ने कहा, ‘‘मैं इसी शहर में पैदा हुआ और पला-बढ़ा हूं, लेकिन मैंने कभी पुरी की दीवारों पर बंगाल के चुनावी पोस्टर चिपके नहीं देखे। भाजपा इस तीर्थस्थल का दुरुपयोग कर रही है। पुरी हिंदुओं के चार पवित्र धामों में से एक है और इसे राजनीति से दूर रखा जाना चाहिए।’’

उन्होंने ओडिशा सरकार से पोस्टर हटाने और शहर की पवित्रता बनाए रखने का भी आग्रह किया।

स्थानीय लोगों के एक वर्ग ने भी इसी तरह की चिंताओं को व्यक्त किया।

कस्बे के निवासी रतींद्र मिश्रा ने कहा कि यह पहली बार है कि किसी दूसरे राज्य के राजनीतिक दल ने चुनाव प्रचार के लिए इस कस्बे का इस्तेमाल किया है।

बीजद को हराकर 2024 में ओडिशा में सत्ता में आई भाजपा को इसमें कुछ भी गलत नहीं दिखता है।

भाजपा की राज्य इकाई के प्रवक्ता मनोज मोहपात्रा ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘पुरी या अन्य उन स्थानों पर पोस्टर लगाने में कोई बुराई नहीं है जहां बंगाल के मतदाता अक्सर आते-जाते हैं। इसका धर्म से कोई लेना-देना नहीं है।’’

ओडिशा के मंत्री और विधायकों समेत भाजपा नेता पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने भी चुनावी रैलियों को संबोधित करने के लिए पड़ोसी राज्य का दो बार दौरा किया।

भाषा यासिर माधव

माधव


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