नोएडा में ‘ओजी’ गांजा तस्करी गिरोह का भंडाफोड़, चार लोग गिरफ्तार

नोएडा में ‘ओजी’ गांजा तस्करी गिरोह का भंडाफोड़, चार लोग गिरफ्तार

नोएडा में ‘ओजी’ गांजा तस्करी गिरोह का भंडाफोड़, चार लोग गिरफ्तार
Modified Date: June 22, 2026 / 12:10 pm IST
Published Date: June 22, 2026 12:10 pm IST

नोएडा, 22 जून (भाषा) गौतमबुद्ध नगर जिले में ‘एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स’ (एएनटीएफ) और नॉलेज पार्क थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में ‘ओजी’ (उच्च गुणवत्ता वाला गांजा) की कथित तौर पर तस्करी और बिक्री करने वाले चार युवकों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी जिले के विभिन्न कॉलेज और विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राओं को यह मादक पदार्थ बेचते थे। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी थाईलैंड से गांजा मंगाकर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में उसकी तस्करी करते थे।

पुलिस उपायुक्त (जोन तृतीय) रवि शंकर निम ने बताया कि एएनटीएफ, कानपुर से सूचना मिली थी कि गोरखपुर निवासी युवराज चौधरी उर्फ नवीन और शशांक अपने साथियों के साथ एक स्कॉर्पियो वाहन में सवार होकर नोएडा में अपने सहयोगी प्रणय पुष्प को गांजे की खेप पहुंचाने आने वाले हैं।

उन्होंने बताया कि सूचना के आधार पर एएनटीएफ और नॉलेज पार्क थाना पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर यमुना एक्सप्रेसवे के ‘जीरो प्वाइंट’ के पास अवरोधक लगाकर जांच शुरू की तभी एक थार वहां आकर रुकी और उसके कुछ देर बाद एक स्कॉर्पियो पहुंची।

अधिकारी ने बताया कि थार में सवार एक युवक स्कॉर्पियो में जाकर बैठ गया, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को पकड़ लिया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बिहार के पटना निवासी प्रणय पुष्प (21), गोरखपुर निवासी युवराज चौधरी (21), शशांक शाही (19) और रोहन चौधरी (20) के रूप में हुई है।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 3.65 किलोग्राम गांजा, दो चार पहिया वाहन और चार लाख रुपये बरामद किए हैं।

पुलिस के अनुसार, जांच में पता चला है कि शशांक के परिवार के कुछ सदस्य थाईलैंड में रहते हैं और वहां उनका नियमित आना-जाना है। युवराज, शशांक और उनका सहयोगी रोहन केंद्रीय विहार कॉलोनी स्थित एक फ्लैट में रहकर थाईलैंड से मादक पदार्थ मंगाने और उसकी तस्करी करने का काम करते थे।

पुलिस ने बताया कि गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं तथा मामले की जांच जारी है।

भाषा सं मनीषा खारी

खारी


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