EPF Withdrawal Rules: क्या आप अनजाने में कर रहे हैं बड़ा नुकसान? PF से निकाला पैसा तो रिटायरमेंट में मिल सकता है 11 लाख रुपये कम, जानें पूरा हिसाब-किताब
EPF Withdrawal Rules: EPF से समय से पहले पैसा निकालने से रिटायरमेंट के लिए जमा होने वाली राशि कम हो जाती है। इससे कंपाउंडिंग का फायदा और ब्याज दोनों घट जाते हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इसका प्रभाव लंबे समय में रिटायरमेंट फंड पर पड़ता है और भविष्य की बचत कमजोर हो सकती है।
(EPF Withdrawal Rules/ Image Credit: AI-generated)
- EPF रिटायरमेंट के लिए सबसे सुरक्षित लंबी अवधि की बचत मानी जाती है।
- समय से पहले निकासी करने से कंपाउंडिंग का बड़ा फायदा खत्म हो जाता है।
- छोटी निकासी भी भविष्य में लाखों रुपये के नुकसान का कारण बन सकती है।
नई दिल्ली: EPF Withdrawal Rules: नौकरी करने वाले अधिकर लोगों के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) रिटायरमेंट के बाद आर्थिक सुरक्षा का सबसे भरोसेमंद साधन माना जाता है। इससे हर महीने कर्मचारी और कंपनी दोनों की ओर से एक तय राशि जमा की जाती है। इस रकम पर सरकार की ओर से तय ब्याज भी मिलता है जो समय के साथ बढ़ता रहता है। इसका मुख्य उद्देश्य नौकरी खत्म होने के बाद व्यक्ति को एक मजबूत आर्थिक मदद देना है।
कंपाउंडिंग का फायदा कैसे बढ़ाता है पैसा?
EPF की सबसे बड़ी ताकत कंपाउंडिंग है जिसमें जमा रकम पर मिलने वाला ब्याज भी आगे चलकर ब्याज कमाने लगता है। अगर पैसा लंबे समय तक खाते में रहता है तो छोटी रकम भी धीरे-धीरे बड़ा फंड बन जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार, EPF में पैसा जितना लंबे समय तक रहता है उसका रिटर्न उतना ही ज्यादा बढ़ता है। यही वजह है कि इसे रिटायरमेंट प्लानिंग का मजबूत आधार माना जाता है।
समय से पहले निकासी पर नुकसान
कई लोग अचानक पैसों की जरूरत या निजी खर्चों के लिए EPF से पैसा निकाल लेते हैं जैसे शादी, यात्रा या गाड़ी खरीदना। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसा करने से भविष्य की बड़ी बचत प्रभावित होती है। उदाहरण के तौर पर, अगर कोई व्यक्ति नौकरी के शुरुआती सालों में 1 लाख रुपये निकाल लेता है तो वही रकम अगर EPF में रहती तो 8.25% ब्याज के साथ रिटायरमेंट तक लगभग 11.78 लाख रुपये तक बन सकती थी। इसी तरह बड़ी निकासी से लाखों रुपये का नुकसान हो सकता है।
EPF को सेविंग अकाउंट की तरह इस्तेमाल न करें
अगर कोई व्यक्ति 5 लाख रुपये जैसी बड़ी राशि EPF से निकाल लेता है तो इसका असर रिटायरमेंट फंड पर बहुत बड़ा पड़ता है और यह नुकसान लाखों से लेकर करोड़ों तक हो सकता है। इसलिए विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि EPF को सामान्य बचत खाते की तरह इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। इसके बजाय लोगों को अलग से एक इमरजेंसी फंड बनाना चाहिए। ताकि अचानक जरूरत पड़ने पर EPF से पैसा निकालने की नौबत न आए और रिटायरमेंट का भविष्य सुरक्षित रहे।
इन्हें भी पढ़ें:
- Jio IPO Latest News: एक लिस्टिंग और बदल जाएगा पूरा शेयर बाजार खेल! जियो की लिस्टिंग से मुकेश अंबानी रच सकते हैं इतिहास का नया अध्याय
- Chhattisgarh Monsoon Update: अब छत्तीसगढ़ में होगी झमाझम बारिश, इस जिले में मानसून ने दी दस्तक, लोगों को मिलेगी गर्मी से राहत
- Philippines School Shooting: स्कूल में अंधाधुंध फायरिंग, इतने स्टूडेंट्स की तड़प-तड़पकर मौत… क्लासरूम में मचा कोहराम

Facebook


