ईटानगर, 13 जून (भाषा) अरुणाचल प्रदेश के तवांग जिले में भारतीय सेना ने एक मोर्टार को सफलतापूर्वक निष्क्रिय कर दिया। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि यह मोर्टार 1962 के भारत-चीन युद्ध के समय का माना जा रहा है।
तवांग के पुलिस अधीक्षक तासी दरांग ने बताया कि यह मोर्टार बृहस्पतिवार दोपहर तवांग के लेब्रांग इलाके में मिला, जिसके बाद तुरंत सुरक्षा इंतजाम किए गए।
दरांग ने बताया, ‘‘मोर्टार के बारे में जानकारी तवांग थाने के उपनिरीक्षक ल्हाम थिनले से मिली। हमने तुरंत भारतीय सेना से संपर्क किया और स्थानीय पुलिस ने लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी।’’
एक अन्य अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार को वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में मोर्टार को निष्क्रिय किया गया।
इन अधिकारियों में 190 माउंटेन ब्रिगेड कमांडर ब्रिगेडियर भूपाल सिंह, कर्नल एन. वसंतराज, मेजर मोहम्मद अखलास और पुलिस अधीक्षक शामिल थे।
पुलिस द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक, सेना का बम निरोधक दस्ता मोर्टार को मेथांग इलाके में ले गया, जहां उसे निष्क्रिय कर दिया गया।
पुलिस अधीक्षक ने बम को निष्क्रिय करने के लिए 190 माउंटेन ब्रिगेड की तेजी और तकनीकी विशेषज्ञता की तारीफ की।
दरांग ने बताया कि अरुणाचल प्रदेश के अलग-अलग सीमावर्ती इलाकों से 1962 के युद्ध के मोर्टार अब तक मिल रहे हैं।
उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे विस्फोटक बहुत खतरनाक होते हैं और नुकसान पहुंचा सकते हैं।
पुलिस अधिकारी ने लोगों को सलाह दी कि अगर उन्हें कोई संदिग्ध विस्फोटक मिले, तो वे तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दें।
भाषा जितेंद्र शोभना
शोभना