Om Birla No Confidence Motion: क्या पद से हट जायेंगे लोकसभा स्पीकर ओम बिरला?.. विपक्षी दलों ने कर ली है ये तैयारी, कहा, ‘इंतज़ार कीजिये’..
Om Birla No Confidence Motion : पिछले सप्ताह भी राहुल गांधी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण का मुद्दा उठाने की अनुमति नहीं मिली थी। साथ ही सदन की अवमानना के मामले में आठ विपक्षी सांसदों को निलंबित किया गया था। गत बृहस्पतिवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जवाब के बिना ही पारित कर दिया गया था, जिसके बाद से सदन में लगातार गतिरोध बना हुआ है।
Om Birla No Confidence Motion || Image- All india radio File
- ओम बिरला पर अविश्वास की अटकलें
- राहुल को बोलने नहीं देने पर विवाद
- आप ने विपक्ष का किया समर्थन
नई दिल्ली: कांग्रेस ने विपक्ष द्वारा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने की तैयारी संबंधी खबरों पर सोमवार को कहा, “कार्रवाई का इंतजार कीजिए।” पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि अब सदन में विपक्ष के लिए कोई जगह नहीं रह गई है। (Om Birla No Confidence Motion) बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की अटकलों पर उन्होंने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा, “वेट फॉर ऐक्शन्स।”
BREAKING NEWS 🚨
AAP decides to Support the ‘No Confidence Motion’ by United Opposition against LS Speaker Om Birla
The Speaker of Lok Sabha has been disgrace to the chair and has always supprssed the voices of Opposition and always been biased towards ruling party – AAP pic.twitter.com/IimUlqPxN2
— AAP Ka Mehta 🇮🇳 (@DaaruBaazMehta) February 9, 2026
‘नेता प्रतिपक्ष ‘शैडो प्राइम मिनिस्टर’ : कांग्रेस
वेणुगोपाल ने कहा कि संसद में जो हो रहा है, वह सब देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में नेता प्रतिपक्ष ‘शैडो प्राइम मिनिस्टर’ होता है, लेकिन लोकसभा में राहुल गांधी को बोलने नहीं दिया जा रहा है। उनका आरोप था कि सत्तापक्ष के सदस्यों को कुछ भी कहने की छूट है, यहां तक कि अपमानजनक टिप्पणियां भी की जा रही हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि लोकसभा अध्यक्ष कांग्रेस सांसदों के खिलाफ आरोप लगा रहे हैं और विपक्षी नेताओं को बोलने का मौका नहीं दिया जा रहा।
नहीं मिली राहुल गांधी को बोलने की इजाजत
इससे पहले लोकसभा में कांग्रेस सदस्यों ने मांग की कि केंद्रीय बजट पर चर्चा शुरू होने से पहले नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने दिया जाए। हालांकि, आसन से इसकी अनुमति नहीं मिली। इसके बाद सदन में नोकझोंक हुई और कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे तक और फिर अपराह्न दो बजे तक स्थगित करनी पड़ी।
दोपहर 12 बजे कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर पीठासीन सभापति कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने आवश्यक कागजात सदन में रखवाए। (Om Birla No Confidence Motion) जब उन्होंने बजट पर चर्चा के लिए पहले वक्ता के रूप में कांग्रेस सांसद शशि थरूर का नाम पुकारा, तो राहुल गांधी ने अपनी बात रखने की इच्छा जताई। राहुल का कहना था कि लोकसभा अध्यक्ष ने उन्हें बजट चर्चा से पहले बोलने की अनुमति दी है, लेकिन सभापति ने कहा कि वह इस बारे में स्पष्टीकरण लेकर ही अनुमति देंगे।
तेन्नेटी ने स्पष्ट किया कि फिलहाल सूचीबद्ध कार्य के अनुसार बजट पर चर्चा होनी है। कांग्रेस सदस्यों ने इस पर आपत्ति जताई और कहा कि नेता प्रतिपक्ष को बोलने का अधिकार है। जब सभापति ने पूछा कि क्या नेता प्रतिपक्ष बजट पर बोलेंगे और कांग्रेस सदस्यों ने ‘नहीं’ कहा, तो उन्होंने कहा कि अभी बजट पर ही चर्चा होगी। गतिरोध जारी रहने पर दोपहर 12 बजकर सात मिनट पर सदन की कार्यवाही दो बजे तक स्थगित कर दी गई।
इससे पहले हंगामे के कारण प्रश्नकाल भी नहीं चल सका और बैठक शुरू होने के पांच मिनट बाद ही 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। बैठक शुरू होते ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने अंडर-19 क्रिकेट विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम को बधाई दी, जिस पर सदस्यों ने मेजें थपथपाकर स्वागत किया। इसके बाद प्रश्नकाल शुरू होते ही कांग्रेस सदस्य राहुल गांधी को बोलने देने की मांग करने लगे।
अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि प्रश्नकाल में केवल प्रश्न पूछे जाते हैं और किसी अन्य विषय की अनुमति नहीं दी जाती। (Om Birla No Confidence Motion) उन्होंने कहा कि बजट पर चर्चा के दौरान सभी सदस्यों को उनके आवंटित समय के अनुसार बोलने का अवसर मिलेगा। उन्होंने विपक्ष से प्रश्नकाल चलने देने और सदन को बाधित नहीं करने की अपील की। इसके बावजूद कांग्रेस सांसद आसन के पास आकर नारेबाजी करने लगे, जिसके कारण कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
पिछले सप्ताह भी राहुल गांधी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण का मुद्दा उठाने की अनुमति नहीं मिली थी। साथ ही सदन की अवमानना के मामले में आठ विपक्षी सांसदों को निलंबित किया गया था। गत बृहस्पतिवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जवाब के बिना ही पारित कर दिया गया था, जिसके बाद से सदन में लगातार गतिरोध बना हुआ है।
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