शिक्षक दिवस पर राजस्थान के 300 से अधिक गांवों में नशामुक्ति अभियान चलाया गया
शिक्षक दिवस पर राजस्थान के 300 से अधिक गांवों में नशामुक्ति अभियान चलाया गया
जयपुर, पांच सितंबर (भाषा) राजस्थान के 300 से अधिक गांवों में शनिवार को शिक्षक दिवस के अवसर पर ‘नशा मुक्ति संवाद दिवस’ मनाया गया, जिसमें शिक्षकों, विद्यार्थियों, अभिभावकों और ग्रामीणों ने नशे के खिलाफ जनजागरूकता अभियान चलाया।
आयोजकों के अनुसार, ‘लोक संकल्प’ अभियान के तहत आयोजित ग्राम सभाओं में एक लाख से अधिक शिक्षकों, विद्यार्थियों, अभिभावकों और ग्रामीणों ने भाग लिया। अभियान का उद्देश्य नशे को केवल स्वास्थ्य या कानून-व्यवस्था से जुड़ी समस्या के बजाय सामाजिक व्यवहार और सामुदायिक सहभागिता के मुद्दे के रूप में सामने लाना है।
अभियान का नेतृत्व राजकीय डूंगर महाविद्यालय, बीकानेर के संयोजक और ‘लोक संकल्प’ मुहिम के प्रणेता प्रोफेसर श्यामसुंदर ज्याणी और ‘नई किरण’ नशा मुक्ति केंद्र ने किया।
प्रोफेसर ज्याणी ने बताया कि राज्य में राज्यपाल हरिभाऊ बागडे के दिशा-निर्देश पर 10 अगस्त से नौ सितंबर तक विशेष ‘नशामुक्त राजस्थान’ अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत नशामुक्ति गतिविधियों को शिक्षण संस्थानों से निकालकर समुदाय तक पहुंचाने के उद्देश्य से ‘लोक संकल्प’ अभियान शुरू किया गया।
अभियान का मुख्य समारोह बीकानेर जिले की श्रीडूंगरगढ़ तहसील के गुसाईसर बड़ा स्थित आदर्श विद्यालय में हुआ, जहां करीब दो हजार विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों ने मानव श्रृंखला बनाकर ‘नशा मुक्त भारत’ की आकृति बनाई।
ज्याणी ने कहा कि बच्चों और युवाओं को नशे से बचाने में परिवार और विद्यालय की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों के साथ नियमित संवाद, उनके डिजिटल व्यवहार पर नजर और नशामुक्त पारिवारिक वातावरण सुनिश्चित करने की अपील की।
भाषा बाकोलिया जोहेब शफीक
शफीक

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