नयी दिल्ली, दो जुलाई (भाषा) मोबाइल ऐप का इस्तेमाल करके ई-रिक्शा को बंद किये जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर आने के बाद दिल्ली के परिवहन मंत्री पंकज सिंह ने बृहस्पतिवार को कहा कि सरकार मामले की जांच कर रही है।
सिंह ने ‘पीटीआई-वीडियो’ से कहा, ‘‘हमें सोशल मीडिया पर चल रहे इस मामले की जानकारी है और सरकार इसकी जांच कर रही है। मुझे यकीन है कि पुलिस भी इस पर खुद कार्रवाई करेगी, क्योंकि ऐसा करना गैर-कानूनी है।’’
परिवहन मंत्री ने कहा कि ‘दिल्ली इलेक्ट्रिक वाहन नीति 2026 के तहत प्रोत्साहन राहत दिये जाने और दूसरी सुविधायें दिये जाने पर ज़्यादा इलेक्ट्रिक गाड़ियां (ईवी) अपनाई जाएंगी।
मंत्री ने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि अब ईवी कारें कम कीमत वाली रेंज में भी आ रही हैं। हम पुराने वाहनों के निस्तारण और (नये वाहनों की) खरीद के लिए प्रोत्साहन राशि दे रहे हैं। धीरे-धीरे, जब ज़्यादा रेंज वाली इलेक्ट्रिक गाड़ियों को लोग अपनाना शुरू करेंगे, तो उनकी कीमत भी कम हो जाएगी क्योंकि कारों के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।’’
दिल्ली ईवी पॉलिसी के अनुसार, अगर दिल्ली के लोग अपनी पुरानी गाड़ी का निस्तारण करने के छह महीने के अंदर नई इलेक्ट्रिक गाड़ी खरीदते हैं, तो वे एक लाख रुपये तक के निस्तारण प्रोत्साहन राशि के लिए पात्र होंगे। यह प्रोत्साहन राशि जमा करने के प्रमाणपत्र से जुड़ा है, जो किसी अधिकृत सुविधा केंद्र पर पुरानी गाड़ी का निस्तारण कराने पर मिल सकता है।
सिंह ने आश्वासन दिया कि शहर में पर्याप्त चार्जिंग केंद्र होंगे, क्योंकि सरकार अगले चार वर्षों में लगभग 32,000 चार्जिंग केंद्र लगाने की योजना बना रही है।
मंत्री ने कहा, ‘‘मैं दिल्ली के लोगों को भरोसा दिलाता हूं कि अवसंरचना को लेकर कोई दिक्कत नहीं होगी। हम अगले चार सालों में लगभग 30,000 चार्जिंग केंद्र लगाएंगे। ईवी पॉलिसी लागू होने के बाद लोगों को इलेक्ट्रिक गाड़ियां अपना लेनी चाहिए। उन्हें कहीं भी कोई परेशानी नहीं होगी, न तो चार्जिंग को लेकर और न ही अवसंरचना को लेकर।’’
भाषा राजकुमार माधव
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