केरल में शिगेला संक्रमण से एक और मौत, सात नए मामले सामने आए

केरल में शिगेला संक्रमण से एक और मौत, सात नए मामले सामने आए

केरल में शिगेला संक्रमण से एक और मौत, सात नए मामले सामने आए
Modified Date: June 21, 2026 / 08:55 pm IST
Published Date: June 21, 2026 8:55 pm IST

तिरुवनंतपुरम, 21 जून (भाषा) केरल में शिगेला संक्रमण से पीड़ित एक और व्यक्ति की मौत हो गई तथा संक्रमण के सात नए मामले सामने आए हैं। इसके साथ ही इस महीने राज्य में संक्रमण से जुड़ी मौतों की संख्या बढ़कर छह हो गई है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।

स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन के कार्यालय की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, स्वास्थ्य अधिकारियों ने पुष्टि की है कि कोझिकोड जिले के मावूर की 54 वर्षीय एक महिला की 20 जून को मृत्यु हुई थी, वह शिगेला संक्रमण से पीड़ित थी।

शिगेला के सात नए मामलों में कोझिकोड और तिरुवनंतपुरम से दो-दो, जबकि त्रिशूर, मलाप्पुरम और वायनाड से एक-एक मामला है।

अधिकारियों ने बताया कि इन नए मामलों के साथ जून महीने में राज्य में शिगेला संक्रमण के कुल 140 मामले और छह मौतें दर्ज की गई हैं, जबकि इस वर्ष अब तक संक्रमण के कुल पुष्ट मामलों की संख्या बढ़कर 216 हो गई है।

जून के दौरान सबसे अधिक मामले कोझिकोड, मलाप्पुरम और वायनाड जिलों से सामने आए हैं।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जून में दर्ज मामलों का जिला-वार ब्योरा इस प्रकार है : कोझिकोड (42), मलप्पुरम (20), वायनाड (19), तिरुवनंतपुरम (17), त्रिशूर (12), कन्नूर (10), कोल्लम (9), इडुक्की (3), पालक्कड़ (3), अलाप्पुझा (3) और एर्नाकुलम (2)।

शिगेला एक अत्यधिक संक्रामक जीवाणुजनित संक्रमण है, जो मुख्य रूप से आंतों को प्रभावित करता है और दूषित भोजन, पानी या खराब स्वच्छता के माध्यम से फैलता है।

इस बीमारी में आमतौर पर दस्त, बुखार और पेट में ऐंठन जैसे लक्षण दिखाई देते हैं तथा यह बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों के लिए विशेष रूप से खतरनाक हो सकती है।

इस बीच, स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि राज्य में निपाह वायरस की स्थिति नियंत्रण में है और वर्तमान में निगरानी में रखे गए किसी भी व्यक्ति में बीमारी के लक्षण नहीं पाए गए हैं।

अधिकारियों ने बताया कि रविवार को निपाह संपर्क सूची में किसी नए व्यक्ति को शामिल नहीं किया गया तथा लक्षण वाले संपर्कों से अब तक लिए गए सभी नमूनों की जांच रिपोर्ट नकारात्मक आई है।

वर्तमान में निपाह संक्रमण के संबंध में 104 लोगों को निगरानी में रखा गया है, जबकि संक्रमित मरीज कोझिकोड के सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में अभी भी वेंटिलेटर पर है।

निपाह एक जूनोटिक (पशुओं से मनुष्यों में फैलने वाला) विषाणुजनित रोग है, जो निपाह वायरस के कारण होता है और इसकी मृत्यु दर काफी अधिक मानी जाती है।

यह संक्रमण पशुओं, विशेष रूप से फल खाने वाले चमगादड़ों से मनुष्यों में फैल सकता है। संक्रमित व्यक्ति के निकट संपर्क में आने से भी इसका संक्रमण हो सकता है।

इस बीमारी के लक्षणों में बुखार और श्वसन संबंधी परेशानी से लेकर गंभीर एन्सेफलाइटिस तक शामिल हैं।

भाषा रवि कांत रवि कांत नरेश

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