जमानत याचिका का विरोध करने पर न्यायालय ने महाराष्ट्र सरकार से कहा: आपको जनता के बीच बेनकाब कर देंगे
जमानत याचिका का विरोध करने पर न्यायालय ने महाराष्ट्र सरकार से कहा: आपको जनता के बीच बेनकाब कर देंगे
नयी दिल्ली, 11 जुलाई (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने जमानत याचिका का विरोध करने, लेकिन आपराधिक मामलों की सुनवाई में तेजी नहीं लाने के लिए महाराष्ट्र सरकार को जनता के बीच ‘‘बेनकाब’’ करने की चेतावनी दी।
न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्ला और न्यायमूर्ति शील नागू की पीठ एक विदेशी नागरिक की जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही थी।
पीठ ने कहा, ‘‘हमारे पास हर दिन महाराष्ट्र से इस तरह के मामले आते हैं। आप जमानत का पुरजोर विरोध तो करते हैं, लेकिन मुकदमे की सुनवाई में तेजी लाने के लिए कोई कदम नहीं उठाते। जब हम मामले की पड़ताल करते हैं, तो सबूत कमजोर निकलते हैं। हम जनता के बीच आपको (राज्य सरकार को) बेनकाब कर देंगे।’’
अपहरण और हत्या के मामले में गिरफ्तार आरोपी ने पीठ के समक्ष दलील दी कि वह चार साल से जेल में है और उसका मामला निचली अदालत में 86 तारीखों पर सूचीबद्ध किया गया था।
उसने शीर्ष अदालत को बताया कि उसे 53 बार अदालत में पेश नहीं किया गया।
उच्चतम न्यायालय ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार की ओर से आरोपी को निचली अदालत में पेश न करना एक गंभीर चूक है।
आरोपी के शीघ्र सुनवाई के मौलिक अधिकार पर उच्चतम न्यायालय के फैसले का जिक्र करते हुए पीठ ने कहा, ‘‘हमें शर्मिंदगी महसूस हो रही है। चार साल में 34 में से केवल दो गवाहों से पूछताछ हुई। यह बात कुछ समय से इस न्यायालय को परेशान कर रही है।’’
पीठ ने कहा, ‘‘जब राज्य सरकार जमानत याचिकाओं का पुरजोर विरोध करती है, तो उसकी यह जिम्मेदारी भी बनती है कि वह मुकदमे की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाए, लेकिन ऐसा करने में वह नाकाम रही है।’’
महाराष्ट्र सरकार की ओर से पेश वकील ने न्यायालय को बताया कि वह (राज्य सरकार) अब सुनवाई की हर तारीख पर सभी आरोपियों को मामले की सुनवाई कर रही अदालत में पेश कर रही है।
हालांकि, न्यायालय ने कहा कि राज्यों को सुनवाई में तेजी लाने के लिए एक खास नीति बनानी चाहिए।
पीठ ने कहा, ‘‘हर हफ्ते कम से कम चार गवाहों के बयान दर्ज किए जाएं और इस आदेश का रिकॉर्ड मामले की सुनवाई कर रही अदालत के समक्ष रखा जाए। अगर भविष्य में ऐसे मामले सामने आते हैं, तो इसी तरह के कड़े आदेश दिए जाएंगे।’’
भाषा सुभाष पवनेश
पवनेश

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