राम मंदिर चढा़वा ‘चोरी’ मामले की उच्चतम न्यायालय की निगरानी में एसआईटी जांच की जाए: गहलोत

राम मंदिर चढा़वा ‘चोरी’ मामले की उच्चतम न्यायालय की निगरानी में एसआईटी जांच की जाए: गहलोत

राम मंदिर चढा़वा ‘चोरी’ मामले की उच्चतम न्यायालय की निगरानी में एसआईटी जांच की जाए: गहलोत
Modified Date: July 11, 2026 / 05:26 pm IST
Published Date: July 11, 2026 5:26 pm IST

अहमदाबाद, 11 जुलाई (भाषा) कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावा ‘चोरी’ से जुड़े मामले की निष्पक्ष जांच के लिए शनिवार को उच्चतम न्यायालय की निगरानी में विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने की मांग की।

उन्होंने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को तत्काल भंग करने और उसकी जगह शंकराचार्यों, धर्माचार्यों, संतों तथा अन्य धार्मिक प्रतिनिधियों को शामिल कर नया ट्रस्ट बनाने की भी मांग की।

गहलोत ने मौजूदा एसआईटी की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसमें उत्तर प्रदेश सरकार के अधिकारी शामिल हैं।

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री ने अहमदाबाद में संवाददाता सम्मेलन में कहा, “एसआईटी की निगरानी उच्चतम न्यायालय के किसी वर्तमान या सेवानिवृत्त न्यायाधीश को करनी चाहिए। तभी जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी।”

उन्होंने कहा कि कथित चढ़ावा चोरी से करोड़ों श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।

उन्होंने कहा, “अयोध्या में भगवान श्रीराम मंदिर के चढ़ावे में हुई चोरी देशभर के करोड़ों लोगों की आस्था के साथ विश्वासघात है।”

गहलोत ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से भी इस मुद्दे पर अपनी बात रखने की मांग की।

उन्होंने कहा, “मोदी सरकार ने ही इस ट्रस्ट का गठन किया है और ट्रस्टियों का चयन भी उसकी सरकार ने ही किया होगा। प्रधानमंत्री हर मुद्दे पर बोलते हैं, लेकिन इस मामले पर अभी तक कुछ नहीं कहा।”

राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के आरोप सामने आने के बाद सात जून को विवाद शुरू हुआ था।

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया था, जो राम मंदिर को चढ़ावे के रूप में मिली नकदी और कीमती सामान की गिनती से जुड़े थे।

भाषा जोहेब माधव

माधव


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