नयी दिल्ली, नौ मार्च (भाषा) कांग्रेस और कई अन्य विपक्षी दलों के नेताओं ने सोमवार को संसद के बजट सत्र के दूसरे भाग के लिए अपनी रणनीति पर चर्चा की और ईरान एवं अमेरिका-इजराइल के बीच युद्ध से जुड़े हालात को लेकर चर्चा की मांग पर जोर दिया।
उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ विदेश मंत्री एस जयशंकर के वक्तव्य देने भर से विषय का समाधान नहीं होगा।
जयशंकर ने सोमवार को राज्यसभा में इस मुद्दे पर वक्तव्य दिया।
कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के संसद भवन स्थित कक्ष में हुई विपक्षी नेताओं की बैठक में कांग्रेस के अलावा समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और कई अन्य दलों के नेता शामिल हुए।
बैठक के बाद खरगे ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘बजट सत्र के दूसरे भाग की बैठक उस वक्त हो रही है, जब ईरान के साथ अमेरिका-इजराइल का युद्ध हमारी दहलीज तक पहुंच गया है। ऐसे में मौजूदा भू-राजनीतिक संकट पर संपूर्ण चर्चा होना जरूरी है।’
उन्होंने कहा कि विदेश मंत्री का एकतरफा बयान समाधान नहीं है।
खरगे ने कहा, ‘हमें सामूहिक रूप से देश को विश्वास में लेने की जरूरत है। भारत सरकार को हमारी ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने, हमारे व्यापारियों की सहायता करने, हमारे निर्यात के लिए आपूर्ति शृंखलाओं में विविधता लाने और महंगाई की मार को रोकने के लिए एक विस्तृत योजना बनानी चाहिए।’
उन्होंने कहा कि विपक्ष भारत के लोगों के प्रति संवेदनशीलता दिखाए जाने की मांग करता है।
भाषा हक राजकुमार वैभव
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