विपक्षी सांसदों ने व्यापार समझौते, नरवणे के संस्मरण मामले पर संसद परिसर में प्रदर्शन किया

विपक्षी सांसदों ने व्यापार समझौते, नरवणे के संस्मरण मामले पर संसद परिसर में प्रदर्शन किया

विपक्षी सांसदों ने व्यापार समझौते, नरवणे के संस्मरण मामले पर संसद परिसर में प्रदर्शन किया
Modified Date: February 6, 2026 / 12:42 pm IST
Published Date: February 6, 2026 12:42 pm IST

नयी दिल्ली, छह फरवरी (भाषा) कांग्रेस और कुछ अन्य विपक्षी दलों के सांसदों ने अमेरिका के साथ देश के व्यापार समझौते, पूर्व सेना प्रमुख एम एम नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण से जुड़े विवाद और लोकसभा से आठ सदस्यों के निलंबन को लेकर शुक्रवार को संसद परिसर में प्रदर्शन किया।

लोकसभा की कार्यवाही सोमवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित होने के बाद विपक्षी सांसद संसद के मकर द्वार के निकट एकत्र हुए और उन्होंने ‘तनाशाही नहीं चलेगी’ और ‘लोकतंत्र की हत्या बंद करो’ जैसे नारे लगाए।

नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने नरवणे के संस्मरण में उद्धृत एक अंश का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर परोक्ष कटाक्ष किया, ‘‘जो उचित समझो, वो करो।’’

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा, संसद के वर्तमान बजट सत्र की शेष अवधि से निलंबित किए गए सांसद और कई अन्य सांसद इसमें शामिल हुए।

उन्होंने एक बड़ा बैनर भी ले रखा था, जिस पर भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का हवाला देते हुए ‘ट्रैप डी’’ लिखा हुआ था।

लोकसभा में कांग्रेस सचेतक और निलंबित सांसदों में शामिल मणिकम टैगोर ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की ‘विफलता’ के विषय को लेकर लड़ाई आगे ले जाई जाएगी।

उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी ‘बैकफुट पर हैं’ और लोकसभा में आने से डरे हुए हैं तथा दूसरे देशों के दबाव में आ गए हैं।

सदन में सोमवार से गतिरोध की स्थिति बनी हुई है और कांग्रेस समेत विपक्ष के सदस्य राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को पूर्व सेना प्रमुख नरवणे के एक अप्रकाशित संस्मरण का हवाला देते हुए चीन से टकराव का मुद्दा नहीं उठाने देने, विपक्ष के आठ सदस्यों को आसन की अवमानना के मामले में निलंबित करने समेत विभिन्न मुद्दों पर हंगामा कर रहे हैं।

बृहस्पतिवार को, राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लोकसभा में धन्यवाद प्रस्ताव प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जवाब के बिना पारित कर दिया गया।

भाषा हक

हक वैभव

वैभव


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