मुस्लिमों को ओबीसी आरक्षण देने पर विपक्ष का रास से वॉकआउट, भाजपा सांसद ने की समीक्षा की मांग
मुस्लिमों को ओबीसी आरक्षण देने पर विपक्ष का रास से वॉकआउट, भाजपा सांसद ने की समीक्षा की मांग
नयी दिल्ली, 30 मार्च (भाषा) राज्यसभा में भाजपा सांसद के. लक्ष्मण ने सोमवार को कुछ राज्यों द्वारा मुस्लिमों को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) श्रेणी में शामिल कर आरक्षण के कथित दुरुपयोग का मुद्दा उठाया और सरकार से इस पर व्यापक समीक्षा कराने की मांग की। उनके बयान के विरोध में विपक्षी दलों ने सदन से बहिर्गमन किया।
भाजपा सदस्य लक्ष्मण ने शून्यकाल के दौरान कहा कि कर्नाटक, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, केरल और तेलंगाना जैसे कुछ राज्यों में मुस्लिम समुदाय को ओबीसी श्रेणी में शामिल किया गया है ताकि उन्हें आरक्षण का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि संविधान धर्म के आधार पर आरक्षण की अनुमति नहीं देता और बी. आर. आंबेडकर ने इसे स्पष्ट रूप से बताया था।
लक्ष्मण ने आरोप लगाया कि ओबीसी आरक्षण सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों के लिए है, लेकिन इसका अब धर्म के आधार पर दुरुपयोग किया जा रहा है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कर्नाटक में पूरे मुस्लिम समुदाय को बिना किसी ओबीसी सूची के 4 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है, पश्चिम बंगाल में लगभग 97 प्रतिशत मुस्लिम समुदाय को ओबीसी में शामिल किया गया है। तमिलनाडु और केरल में मुस्लिम समुदाय को आरक्षण दिया गया है।
तेलंगाना में भी मुस्लिमों को ओबीसी सूची में शामिल करने के साथ राज्य की कांग्रेस सरकार ने चार प्रतिशत आरक्षण विशेष रूप से मुस्लिमों के लिए लागू किया था, जिसे उच्च न्यायालय ने खारिज किया। लक्ष्मण ने कहा कि हैदराबाद नगर निगम चुनावों में मुस्लिम समुदाय 50 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण का लाभ ले रहा है।
उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि धर्म-आधारित आरक्षण की व्यापक समीक्षा की जाए और नीति सामाजिक व शैक्षिक पिछड़ेपन पर आधारित हो, न कि केवल धार्मिक पहचान पर।
इस पर विपक्षी सदस्यों ने कड़ी आपत्ति जताई और हंगामा करने लगे। सदन के नेता और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे. पी. नड्डा ने भी विपक्ष पर हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस और ‘इंडिया’ गठबंधन के अन्य दल लोकतंत्र और संसदीय परंपराओं का सम्मान नहीं करते और केवल मुस्लिम वोट बैंक को मजबूत करने के लिए तुष्टीकरण राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने लक्ष्मण के वक्तव्य के दौरान हंगामा किया और उन्हें बोलने नहीं दिया।
नड्डा ने कहा कि ओबीसी श्रेणी में मुस्लिमों के लिए कोई संविधानिक प्रावधान नहीं है और यह मामला संवैधानिक है, जिसे आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय ने पहले ही खारिज किया है। उन्होंने विपक्षी दलों पर देश की सामाजिक एकता भंग करने और राजनीतिक स्वार्थ के लिए माहौल बिगाड़ने का आरोप लगाया और उनके बहिर्गमन को अनुचित करार दिया।
भाषा मनीषा माधव
माधव

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