Reservation Act 2004: बड़ी खबर ! इन 15 जातियों को भी मिलेगा आरक्षण का लाभ, आदेश जारी

Reservation Act 2004: 15 नए वर्गों को सामाजिक जाति सूची में शामिल करने को लेकर अधिसूचना जारी की है। बता दें, जम्मू-कश्मीर सरकार के आरक्षण नियमों के तहत, सरकारी नौकरियों में सामाजिक जातियों को चार प्रतिशत आरक्षण है।

Reservation Act 2004: बड़ी खबर ! इन 15 जातियों को भी मिलेगा आरक्षण का लाभ, आदेश जारी
Modified Date: November 29, 2022 / 08:37 pm IST
Published Date: October 22, 2022 1:39 pm IST

Reservation Act 2004: जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जम्मू-कश्मीर आरक्षण अधिनियम 2004 के तहत 15 नए वर्गों को शामिल करके सामाजिक जाति सूची को फिर से बनाने का आदेश जारी किया है। सूची में नए वर्गों में जाट, पश्चिमी पाकिस्तानी शरणार्थी, गोरखा, वाघी, पोनी वालस शामिल हैं।

जम्मू कश्मीर में आरक्षण को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। केंद्र शासित प्रदेश के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जम्मू-कश्मीर आरक्षण अधिनियम, 2004 के तहत

15 नए वर्गों को सामाजिक जाति सूची में शामिल करने को लेकर अधिसूचना जारी की है। बता दें, जम्मू-कश्मीर सरकार के आरक्षण नियमों के तहत, सरकारी नौकरियों में सामाजिक जातियों को चार प्रतिशत आरक्षण है।

 ⁠

read more: Dhanteras 2022: धनतेरस का महत्व | पूजा विधि, सामग्री | दीपक जलाने की विधि | राशि अनुसार करें खरीदी

सूची में कौन-कौन शामिल?

Reservation Act 2004:  सूची में वाघे (चोपन), घिरथ/भटी/चांग समुदाय, जाट समुदाय, सैनी समुदाय, मरकबान/पोनीवाला, सोची समुदाय, ईसाई बिरादरी (हिंदू वाल्मीकि से परिवर्तित), सुनार/स्वर्णकार तेली (हिंदू तेली सहित और पहले से मौजूद मुस्लिम तेली), पेरना/कौरो (कौरव), बोजरू/डेकाउंट/दुबदाबे ब्राह्मण गोर्कन, गोरखा, पश्चिमी पाकिस्तानी शरणार्थी (एससी को छोड़कर) और आचार्य को शामिल किया गया है।

सरकार ने मौजूदा सामाजिक जातियों के नामों में कुछ संशोधन भी किए हैं। अधिसूचना के अनुसार, कुम्हार, जूता मरम्मत करने वालों (मशीनों की सहायता के बिना काम करने वाले), बंगी खाक्रोब (स्वीपर), नाई, धोबी और डूम की जगह क्रमशः कुम्हार, मोची, बंगी खाक्रोब, हज्जाम अतराय, धोबी और डूम्स (एससी को छोड़कर) किया गया है। इसके साथ ही शब्द ‘पहाड़ी भाषी लोग (पीएसपी)’ को ‘पहाड़ी जातीय लो’ के साथ बदला गया है।

read more: Kuno National Park में मिले प्राचीनकाल के सिक्के | खुदाई के दौरान मिले 42 प्राचीन सिक्के

जम्मू-कश्मीर सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़ा वर्ग आयोग की सिफारिशों पर सामाजिक जाति सूची को फिर से तैयार किया गया है, जिसे 2020 में जम्मू-कश्मीर सरकार द्वारा गठित किया गया था। उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश, जी डी शर्मा तीन सदस्यीय पैनल इसके प्रमुख हैं।


लेखक के बारे में

डॉ.अनिल शुक्ला, 2019 से CG-MP के प्रतिष्ठित न्यूज चैनल IBC24 के डिजिटल ​डिपार्टमेंट में Senior Associate Producer हैं। 2024 में महात्मा गांधी ग्रामोदय विश्वविद्यालय से Journalism and Mass Communication विषय में Ph.D अवॉर्ड हो चुके हैं। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से M.Phil और कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर से M.sc (EM) में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। जहां प्रावीण्य सूची में प्रथम आने के लिए तिब्बती धर्मगुरू दलाई लामा के हाथों गोल्ड मेडल प्राप्त किया। इन्होंने गुरूघासीदास विश्वविद्यालय बिलासपुर से हिंदी साहित्य में एम.ए किया। इनके अलावा PGDJMC और PGDRD एक वर्षीय डिप्लोमा कोर्स भी किया। डॉ.अनिल शुक्ला ने मीडिया एवं जनसंचार से संबंधित दर्जन भर से अधिक कार्यशाला, सेमीनार, मीडिया संगो​ष्ठी में सहभागिता की। इनके तमाम प्रतिष्ठित पत्र पत्रिकाओं में लेख और शोध पत्र प्रकाशित हैं। डॉ.अनिल शुक्ला को रिपोर्टर, एंकर और कंटेट राइटर के बतौर मीडिया के क्षेत्र में काम करने का 15 वर्ष से अधिक का अनुभव है। इस पर मेल आईडी पर संपर्क करें anilshuklamedia@gmail.com