केरल में प्रतिरोपण के लिए अंग का परिवहन पहली बार व्यावसायिक उड़ान से

केरल में प्रतिरोपण के लिए अंग का परिवहन पहली बार व्यावसायिक उड़ान से

केरल में प्रतिरोपण के लिए अंग का परिवहन पहली बार व्यावसायिक उड़ान से
Modified Date: January 15, 2026 / 12:59 pm IST
Published Date: January 15, 2026 12:59 pm IST

तिरुवनंतपुरम, 15 जनवरी (भाषा) केरल में अंग प्रतिरोपण प्रक्रिया के तहत किसी मानव अंग को पहली बार व्यावसायिक विमान से पहुंचाया गया। अधिकारियों ने बताया कि एक गुर्दे को प्रतिरोपण के लिए कन्नूर से तिरुवनंतपुरम इंडिगो एयरलाइंस की उड़ान से लाया गया।

यह गुर्दा 17 वर्षीय आयोना मॉनसन का था, जिनकी कन्नूर जिले के पय्यावूर में एक स्कूल भवन से गिरने के बाद मौत हो गई थी। गुर्दे को तिरुवनंतपुरम मेडिकल कॉलेज लाया गया, जहां इसे परासाला की 27 वर्षीय महिला के शरीर में प्रतिरोपित किया जाएगा।

राज्य में अंग प्रतिरोपण की निगरानी करने वाले ‘केरल राज्य अंग और ऊतक प्रतिरोपण संगठन (के-एसओटीटीओ) ने पूरी परिवहन प्रक्रिया का समन्वय किया।

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के-एसओटीटीओ के कार्यकारी निदेशक डॉ. नोबल ग्रेशियस एसएस ने संवाददाताओं से कहा कि बुधवार देर रात एक गुर्दा तिरुवनंतपुरम के मरीज को आवंटित किया गया था।

उन्होंने कहा, “सबसे बड़ी चुनौती गुर्दे को समयबद्ध तरीके से तिरुवनंतपुरम पहुंचाने की थी। हेलीकॉप्टर के इस्तेमाल में तकनीकी दिक्कतें आईं।”

उन्होंने बताया कि इसके बाद के-एसओटीटीओ ने इंडिगो एयरलाइंस से संपर्क किया।

उन्होंने कहा, “एयरलाइन ने सीटें उपलब्ध कराईं और कन्नूर मेडिकल कॉलेज में हाल में अंग प्रतिरोपण समन्वयक के रूप में शामिल हुईं डॉ. नमिता ने अंग को ले जाने के लिए स्वेच्छा से जिम्मेदारी ली। यह राज्य में पहली बार है जब किसी अंग को व्यावसायिक उड़ान से पहुंचाया गया।’’

आमतौर पर अंगों के परिवहन के लिए नौसेना के विमान, सरकार द्वारा किराए पर लिए गए हेलीकॉप्टर और एंबुलेंस वाहनों का उपयोग किया जाता है।

डॉ. नमिता ने बताया कि कन्नूर के एस्टर एमआईएमएस अस्पताल में अंग निकाले जाने की प्रक्रिया देर रात करीब दो बजे शुरू हुई और सुबह पांच बजे तक पूरी हो गई।

उन्होंने कहा, “सुबह छह बजे तक हम हवाई अड्डे पहुंच गए थे। अस्पताल प्रशासन और एयरलाइन द्वारा सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से की गईं।”

उन्होंने बताया कि कन्नूर से उड़ान में कोच्चि में ठहराव था, लेकिन उसी विमान से तिरुवनंतपुरम तक यात्रा जारी रखने की व्यवस्था की गई। उन्होंने कहा, “अंग ले जाने वाला कंटेनर बड़ा था, लेकिन चालक दल ने उसे केबिन में सुरक्षित रखने की व्यवस्था की।”

उड़ान सुबह करीब 10.45 बजे तिरुवनंतपुरम पहुंची, जिसके बाद गुर्दे को एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज लाया गया।

के-एसओटीटीओ अधिकारियों ने बताया कि दूसरे गुर्दे को कोझिकोड के एमआईएमएस अस्पताल में प्रतिरोपित किया गया। यकृत को कोझिकोड के मैत्रा अस्पताल भेजा गया, जबकि कॉर्निया को कोझिकोड सरकारी मेडिकल कॉलेज भेजा गया।

आयोना मॉनसन ने स्कूल भवन की तीसरी मंजिल से छलांग लगा दी थी, जिससे उसके सिर और फेफड़ों में गंभीर चोटें आई थीं। अधिकारियों ने बताया कि बुधवार रात अस्पताल में उसकी मौत हो गई।

घटना की परिस्थितियों की पुलिस जांच कर रही है।

भाषा मनीषा वैभव

वैभव


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