MP Budget Session 2026: इस दिन पेश हो सकता है मध्यप्रदेश का बजट! सचिवालय ने जारी की विधानसभा सत्र की अधिसूचना, जानिए कब से होगा शुरू

इस दिन पेश हो सकता है मध्यप्रदेश का बजट, सचिवालय ने जारी की सत्र की अधिसूचना, MP Budget Session 2026 Date Announced

MP Budget Session 2026: इस दिन पेश हो सकता है मध्यप्रदेश का बजट! सचिवालय ने जारी की विधानसभा सत्र की अधिसूचना, जानिए कब से होगा शुरू
Modified Date: January 15, 2026 / 04:56 pm IST
Published Date: January 15, 2026 4:17 pm IST

भोपाल। MP Budget Session 2026: मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है। इस बार का बजट सत्र 16 फरवरी से शुरू होकर 6 मार्च तक चलेगा। यह सत्र कुल 19 दिनों का होगा, जिसमें 12 बैठकें आयोजित की जाएंगी। बजट सत्र के दौरान राज्य सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेगी। इसके साथ ही विभिन्न विभागों से जुड़े सवाल, ध्यानाकर्षण प्रस्ताव, शासकीय विधेयक और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाएगी। हालांकि अभी पेश करने की तारीख सामने नहीं आई है। कहा जा रहा है सरकार जल्द ही इसका ऐलान कर सकती है।

MP Budget Session 2026: सत्र के दौरान विपक्ष सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की कोशिश करेगी। वहीं सरकार अपनी उपलब्धियों और नीतियों को सदन के पटल पर रखेगी। विधानसभा सचिवालय ने सत्र की तैयारियां पूरी कर ली हैं और सभी विधायकों को कार्यक्रम की जानकारी दे दी गई है। इधर बजट सत्र को लेकर राजनीतिक हलकों में हलचल तेज है, क्योंकि इस दौरान राज्य के विकास, आर्थिक स्थिति और जनहित से जुड़े कई अहम फैसलों पर चर्चा होने की संभावना है।

 ⁠

पहली बार रोलिंग बजट की तैयारी

बेहतर वित्तीय प्रबंधन की आवश्यकता को देखते हुए राज्य सरकार ने पहली बार रोलिंग बजट (Rolling Budget) तैयार करने का निर्णय लिया है। इसके तहत एक साथ तीन वर्षों की वित्तीय आवश्यकताओं का आकलन किया जा रहा है, ताकि वित्तीय वर्ष 2028-29 तक की स्पष्ट कार्ययोजना अभी से बनाई जा सके। राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 15 प्रतिशत वृद्धि के साथ 4,21,032 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तुत किया था। इसमें केंद्रीय करों में प्रदेश का हिस्सा 1,11,662 करोड़ रुपये और केंद्रीय सहायता अनुदान 48,661 करोड़ रुपये शामिल थे। वहीं, राज्य ने स्वयं के करों से सात प्रतिशत वृद्धि के साथ 1,09,157 करोड़ रुपये मिलने का अनुमान लगाया था। लांकि, GST का पूरा हिस्सा न मिलने और केंद्रीय सहायता अनुदान कम प्राप्त होने के कारण राजस्व लक्ष्य हासिल करना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।

यह भी पढ़ें


लेखक के बारे में

सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।