हर सौ रुपये में 26 रुपये ऋण चुकाने में खर्च हो रहा; यह अमृत काल नहीं, कर्ज काल : सपा सांसद
हर सौ रुपये में 26 रुपये ऋण चुकाने में खर्च हो रहा; यह अमृत काल नहीं, कर्ज काल : सपा सांसद
नयी दिल्ली, 24 मार्च (भाषा) समाजवादी पार्टी (सपा) की एक सांसद ने सरकार पर जनता के लिए आवंटित धन का इस्तेमाल ऋण चुकाने में करने का आरोप लगाते हुए मंगलवार को कहा कि यह ‘‘अमृत काल नहीं, कर्ज काल है।’’
सपा सांसद प्रिया सरोज ने लोकसभा में वित्त विधेयक, 2026 पर चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि हर सौ रुपये में 26 रुपये पुराने कर्ज के ब्याज चुकाने पर खर्च हो रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने 12 साल में देश पर कर्ज का बोझ इतना बढ़ा दिया है कि जो पैसा गरीब के घर, किसान के खेत और बच्चों की पढ़ाई पर लगाना चाहिए, वह पहले का बकाया चुकाने पर खर्च हो रहा है।
उन्होंने सत्तारूढ़ भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा, ‘‘यह अमृत काल नहीं, कर्ज काल है। ऊपर से बजट चमक रहा है, लेकिन घर का बटुआ फट रहा है। यह कैसा अमृत काल है, जहां आम लोगों का भविष्य गिरवी रखा जा रहा है।’’
सपा सांसद ने कॉरपोरेट कर में कटौती की भी आलोचना की और सवाल किया कि इसकी भरपाई कहां से की जाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘वर्ष 2019 में सरकार ने बड़ी कंपनियों का कॉरपोरेट कर 30 प्रतिशत से घटाकर 22 प्रतिशत कर दिया। उन्हें हर साल 1.5 करोड़ लाख रुपये की राहत मिली, लेकिन इसकी भरपाई कहां से की जा रही है?’’
उन्होंने दावा किया कि सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में विनिर्माण का हिस्सा बढ़ने के बजाय घट गया है। उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जब ‘मेक इन इंडिया’ के नाम पर बेचे जाने वाले उत्पाद में लगा 85 प्रतिशत सामान चीन से आयात कर लगा होता है तो ‘‘उसे मैन्युफैक्चरिंग नहीं, असेंबलिंग कहते हैं।’’
उन्होंने कहा कि सेमीकंडक्टर मिशन शुरू किये जाने के बाद भी ‘‘हमारे स्मार्टफोन का चिप आज विदेशों से आता है।’’
आजाद समाज पार्टी (कांशी राम) के चंद्रशेखर ने नोटबंदी, बेरोजगारी, एलपीजी संकट और लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) की समस्याओं सहित भारतीय अर्थव्यवस्था की कई समस्याओं का उल्लेख किया।
उन्होंने सवाल किया, ‘‘वित्त विधेयक में इन समस्याओं के समाधान के लिए क्या उपाय किया गया है?’’
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के हनुमान बेनीवाल ने चर्चा में भाग लेते हुए सवाल किया कि अर्थव्यवस्था मजबूत है तो आम आदमी की जेब क्यों खाली होती जा रही है?
तेलुगु देशम पार्टी के लावू श्रीकृष्ण देवरायलु ने उपग्रहों के 50-55 प्रतिशत उपकरण विदेशों से आयात किये जाने का उल्लेख करते हुए, बजटीय आवंटन के साथ-साथ अनुसंधान पर भी उपयुक्त खर्च करने की भी जरूरत बताई।
भाषा सुभाष सुरेश
सुरेश

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