नयी दिल्ली, 21 मई (भाषा) संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने बृहस्पतिवार को कहा कि परीक्षा केंद्रों पर भीड़भाड़ को कम करने के उद्देश्य से बनाये गए तीन नये परीक्षा केंद्रों का विकल्प 23,000 से अधिक सिविल सेवा अभ्यर्थियों ने चुना है।
आयोग ने बताया कि भुवनेश्वर, कानपुर और मेरठ में नये केंद्र बनाए जाने के बाद सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा के लिए कुल परीक्षा केंद्रों की संख्या 80 से बढ़कर 83 हो गई है।
यूपीएससी ने एक बयान में कहा, ‘लगभग 23,000 अभ्यर्थियों ने इन नये केंद्रों के लिए आवेदन किया है, जिससे सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा-2026 के लिए आस-पास के केंद्रों पर अभ्यर्थियों की संख्या में कमी आई है।’
भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) और भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) सहित अन्य केंद्रीय सेवाओं में भर्ती के लिए यूपीएससी द्वारा हर साल तीन चरणों — प्रारंभिक, मुख्य और व्यक्तित्व परीक्षण — में सिविल सेवा परीक्षा आयोजित की जाती है। इस वर्ष की सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा रविवार को होने वाली है।
आयोग ने बताया कि प्रारंभिक परीक्षा के लिए कुल 8,19,372 आवेदन प्राप्त हुए हैं।
यूपीएससी के अध्यक्ष अजय कुमार ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को अभ्यर्थियों के लिए अधिक सुविधाजनक और सुलभ बनाना है।
कुमार ने कहा, ‘तीन नये केंद्र जोड़ने का मकसद भीड़भाड़ को कम करना और अभ्यर्थियों को बेहतर सुविधा देना है।’
उन्होंने बताया कि आयोग ने दिव्यांग अभ्यर्थियों को उनकी पसंद के परीक्षा केंद्र मिलना भी सुनिश्चित किया है।
भाषा सुमित सुभाष
सुभाष