पश्चिम बंगाल की फाल्टा विधानसभा सीट पर अपराह्न तीन बजे तक 74 फीसदी से अधिक मतदान
पश्चिम बंगाल की फाल्टा विधानसभा सीट पर अपराह्न तीन बजे तक 74 फीसदी से अधिक मतदान
(तस्वीरों के साथ)
कोलकाता, 21 मई (भाषा) पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले की फाल्टा विधानसभा सीट पर पुनर्मतदान बृहस्पतिवार सुबह से जारी है और अपराह्न तीन बजे तक 74 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग कर लिया है। एक निर्वाचन अधिकारी ने यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि अब तक मतदान शांतिपूर्ण रहा है और कहीं से किसी भी अप्रिय घटना की कोई सूचना नहीं मिली है।
अधिकारियों के अनुसार, कुल 2.36 लाख मतदाता मतदान करने के पात्र हैं, जिनमें करीब 1.21 लाख पुरुष, 1.15 लाख महिला और नौ ट्रांसजेंडर शामिल हैं। मतदान सुबह सात बजे शुरू हुआ जो शाम छह बजे तक जारी रहेगा।
ईवीएम में बड़े पैमाने पर हेराफेरी के आरोपों के बाद 29 अप्रैल को इस सीट पर हुए मतदान को रद्द कर दिया गया था। निर्वाचन आयोग ने पुनर्मतदान के लिए सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है।
केंद्रीय बलों की लगभग 35 कंपनियां 285 मतदान केंद्रों पर तैनात हैं। इसके अतिरिक्त, किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की स्थिति में तुरंत कार्रवाई करने के लिए 30 त्वरित प्रतिक्रिया दलों को तैयार रखा गया है।
एक निर्वाचन अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘मतदान शांतिपूर्ण रहा है। फाल्टा में कहीं से भी कोई अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। मतदान केंद्रों के बाहर मतदाताओं की लंबी कतार देखी गई। अपराह्न तीन बजे तक 74.10 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।’’
विधानसभा क्षेत्र के 285 मतदान केंद्रों के बाहर सुबह से ही बड़ी संख्या में मतदाता कतार में खड़े नजर आए।
तृणमूल कांग्रेस के जहांगीर खान सहित कुल छह उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। हालांकि, खान ने मंगलवार को चुनाव से पीछे हटने की घोषणा की थी। तृणमूल कांग्रेस ने इसे जहांगीर का निजी फैसला करार दिया है।
खान के पीछे हटने की घोषणा के बावजूद उनका नाम ईवीएम में दर्ज है, क्योंकि वह आधिकारिक तौर पर अपनी उम्मीदवारी वापस नहीं ले सके। अन्य उम्मीदवारों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के देबांग्शु पांडा, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के शंभूनाथ कुर्मी और कांग्रेस के अब्दुर रज्जाक मोल्ला शामिल हैं।
फाल्टा में 29 अप्रैल को मतदान के बाद से ही राजनीतिक तनाव की स्थिति बनी हुई है। उस समय कई मतदान केंद्रों से शिकायतें सामने आईं कि ईवीएम पर सुगंधित पदार्थ और टेप लगाई गई थीं, जिसके परिणामस्वरूप चुनाव रद्द करना पड़ा।
भाषा संतोष नरेश
नरेश

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