पचपदरा रिफाइनरी और जयपुर मेट्रो फेज-2 राजस्थान में विकास की गति को करेंगे तेज: भाजपा

पचपदरा रिफाइनरी और जयपुर मेट्रो फेज-2 राजस्थान में विकास की गति को करेंगे तेज: भाजपा

पचपदरा रिफाइनरी और जयपुर मेट्रो फेज-2 राजस्थान में विकास की गति को करेंगे तेज: भाजपा
Modified Date: April 9, 2026 / 09:40 pm IST
Published Date: April 9, 2026 9:40 pm IST

जयपुर, नौ अप्रैल (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राजस्थान इकाई के नेताओं ने बृहस्पतिवार को कहा कि पचपदरा रिफाइनरी और जयपुर मेट्रो फेज-2 जैसे बड़े प्रोजेक्ट राजस्थान में विकास की गति को तेज करेंगे।

उन्होंने पिछले दो वर्षों में राज्य सरकार की उपलब्धियों का भी बखान किया।

भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रेसवार्ता को वरिष्ठ नेता सतीश पूनिया, उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा और गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने संबोधित किया।

पूनिया ने बताया कि केंद्र सरकार ने पचपदरा रिफाइनरी परियोजना की संशोधित लागत 79,459 करोड़ रुपए को मंजूरी दी है तथा इस परियोजना का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 21 अप्रैल को करेंगे।

उन्होंने कहा कि यह रिफाइनरी पश्चिमी राजस्थान को बदल देगी और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करेगी। पूनिया ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के समय हुई देरी के कारण परियोजना की लागत बढ़ी।

जयपुर मेट्रो फेज-2 पर पूनिया ने कहा कि 41 किलोमीटर लंबी इस परियोजना की अनुमानित लागत 13,037 करोड़ रुपए है तथा यह सीतापुरा से विश्वकर्मा औद्योगिक क्षेत्र तक जुड़ेगी और शहर के मेट्रो नेटवर्क का विस्तार करेगी।

बैरवा ने कहा कि राज्य सरकार ने जल उपलब्धता के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने रामजल सेतु लिंक परियोजना का जिक्र करते हुए कहा कि 95,000 करोड़ रुपए की यह परियोजना 17 जिलों को लाभान्वित करेगी और चार लाख हेक्टेयर में सिंचाई की सुविधा देगी।

उन्होंने बताया कि 9,416.70 करोड़ रुपए की अतिरिक्त परियोजनाएं भी शुरू की गई हैं, जिनमें फीडर निर्माण और अन्य आधारभूत ढांचे शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यमुना जल समझौता परियोजना भी प्रगति पर है।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत पिछले दो वर्षों में 15 लाख ग्रामीण परिवारों को पेयजल कनेक्शन दिए गए हैं।

बेढम ने कहा कि ‘डबल इंजन सरकार’ ने सभी क्षेत्रों में तेज विकास सुनिश्चित किया है। उन्होंने विपक्षी कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह शासन पर ध्यान देने के बजाय राजनीति में उलझी रही।

भाषा बाकोलिया राजकुमार

राजकुमार


लेखक के बारे में