पहलगाम हमला: एनआईए ने लश्कर प्रमुख हाफिज सईद पर भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने का आरोप लगाया

पहलगाम हमला: एनआईए ने लश्कर प्रमुख हाफिज सईद पर भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने का आरोप लगाया

पहलगाम हमला: एनआईए ने लश्कर प्रमुख हाफिज सईद पर भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने का आरोप लगाया
Modified Date: July 6, 2026 / 09:12 pm IST
Published Date: July 6, 2026 9:12 pm IST

नयी दिल्ली, छह जुलाई (भाषा) राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने सोमवार को पहलगाम आतंकी हमले के मामले में प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के पाकिस्तान स्थित प्रमुख हाफिज सईद के खिलाफ पूरक आरोपपत्र दाखिल किया।

भारत और अमेरिका द्वारा पहले ही वैश्चिक आतंकवादी घोषित सईद पर

व्यक्तिगत तौर पर और प्रतिबंधित लश्कर-ए-तैयबा और उसके सक्रिय सहयोगी संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (टीआरएफ) के प्रमुख के तौर पर आरोप लगाए हैं। सईद 2008 के मुंबई हमलों का भी मुख्य साजिशकर्ता है।

पूरक आरोपपत्र जम्मू स्थित विशेष एनआईए अदालत में दाखिल किया गया है, जिसमें 76 वर्षीय सईद पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए), 1967 की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं।

एनआईए द्वारा जारी बयान में कहा गया, ‘‘आरोपपत्र में अभियुक्त के खिलाफ भारत के विरुद्ध युद्ध छेड़ने तथा सीमा पार से भारत के खिलाफ साजिश रचने के आरोपों से संबंधित दंडात्मक धाराएं भी लगाई गई हैं।’’

बयान के अनुसार, पूरक आरोपपत्र में पाकिस्तान की साजिश, सईद की भूमिका और एनआईए द्वारा बारीकी से वैज्ञानिक जांच और जमीनी पड़ताल के जरिए इकट्ठा किए गए सबूतों की जानकारी दी गई है।

सईद दुनिया के सबसे वांछित वैश्विक आतंकवादियों में से एक है। उसे मुख्य रूप से 1980 के दशक के उत्तरार्ध में गठित लश्कर-ए-तैयबा के सह-संस्थापक और प्रमुख के रूप में जाना जाता है। उसने लश्कर-ए-तैयबा की स्थापना की, जो दक्षिण एशिया के सबसे बड़े और सक्रिय आतंकी संगठनों में से एक है और विशेष रूप से भारत को निशाना बनाने वाली गतिविधियों के लिए कुख्यात रहा है।

वह 2008 के मुंबई आतंकी हमलों का मुख्य साजिशकर्ता था। उसने हमले को अंजाम देने वाले आतंकवादियों के प्रशिक्षण और पूरी लॉजिस्टिक व्यवस्था की योजना बनाई थी। इस हमले में 166 लोगों की जान गई थी।

अपने आतंकी अभियानों के लिए धन जुटाने और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से बचने के उद्देश्य से सईद ने जमात-उद-दावा और फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन जैसे प्रमुख तथाकथित धर्मार्थ संगठनों की स्थापना की। इन संगठनों का इस्तेमाल लोगों को कट्टर बनाने और आतंकवाद के वित्तपोषण के लिए करोड़ों डॉलर जुटाने एवं पहुंचाने में किया जाता था।

उसकी वैश्विक आतंकी गतिविधियों के कारण भारत और अमेरिका के अलावा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) ने भी सईद को वैश्विक आतंकवादी घोषित कर रखा है।

एनआईए का यह पूरक आरोपपत्र आतंकवाद निरोधक एजेंसी द्वारा पिछले वर्ष 15 दिसंबर को दाखिल किए गए 1,597 पृष्ठों के मूल आरोपपत्र की अगली कड़ी है। उस आरोपपत्र में पाकिस्तानी हैंडलर साजिद जट्ट को आरोपी बनाया गया था। इसके साथ ही जुलाई 2025 में ‘ऑपरेशन महादेव’ के दौरान सुरक्षा बलों द्वारा मारे गए तीन आतंकवादियों के नाम भी शामिल किए गए थे।

दिसंबर में दाखिल आरोपपत्र में गिरफ्तार किए गए दो आरोपियों परवेज अहमद और बशीर अहमद जोठर को भी नामजद किया गया था। उन पर आतंकवादियों को लॉजिस्टिक सहायता उपलब्ध कराने का आरोप है।

आरोपपत्र में प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा और टीआरएफ को भी एक कानूनी इकाई के रूप में आरोपी बनाया गया है। उन पर पहलगाम आतंकी हमले की साजिश रचने और उसे अंजाम देने का आरोप लगाया गया है।

एनआईए के बयान में कहा गया, ‘‘22 अप्रैल, 2025 को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए इस घातक आतंकी हमले में पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों ने धर्म के आधार पर लोगों को निशाना बनाकर हत्याएं की थीं। इस हमले में 25 निर्दोष पर्यटकों और एक स्थानीय नागरिक की मौत हुई थी।’’

इस मामले में प्रारंभिक प्राथमिकी दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले के पहलगाम थाने में दर्ज की गई थी। जम्मू कश्मीर पुलिस की शुरुआती जांच के बाद गृह मंत्रालय ने मामला एनआईए को सौंप दिया था।

बयान में कहा गया है, ‘‘एनआईए पाकिस्तान की पूरी साजिश का पता लगाने के लिए मामले की जांच जारी रखे हुए है। पाकिस्तान सीमा पार से भारतीय धरती पर आतंकवाद को सक्रिय रूप से बढ़ावा दे रहा है।’’

भाषा गोला माधव

माधव


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