पांचना बांध विवाद जातीय तनाव का रूप ले सकता है : अशोक गहलोत

पांचना बांध विवाद जातीय तनाव का रूप ले सकता है : अशोक गहलोत

पांचना बांध विवाद जातीय तनाव का रूप ले सकता है : अशोक गहलोत
Modified Date: June 21, 2026 / 09:04 pm IST
Published Date: June 21, 2026 9:04 pm IST

जयपुर, 21 जून (भाषा) राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने रविवार को चेताया कि पांचना बांध विवाद जातीय तनाव का रूप ले सकता है। उन्होंने राज्य सरकार से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने तथा गुर्जर और मीणा समुदायों के बीच वार्ता कराकर समाधान निकालने की अपील की।

गहलोत ने आरोप लगाया कि सरकार का रवैया स्थिति को और गंभीर बना रहा है तथा टकराव की परिस्थितियां पैदा कर रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘सरकार जिस तरह काम कर रही है, उससे लगता है कि ऐसी स्थिति जानबूझकर बनने दी जा रही है। पांचना बांध के मुद्दे पर पहले से ही समुदायों के बीच तनाव है। सरकार को दोनों पक्षों के प्रतिनिधियों, पंच-पटेलों और जनप्रतिनिधियों को बुलाकर समाधान निकालने का प्रयास करना चाहिए था।’’

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गहलोत ने कहा कि लगभग दो से तीन सप्ताह से विरोध प्रदर्शन जारी हैं, लेकिन सरकार की ओर से कोई सार्थक संवाद शुरू नहीं किया गया है।

गहलोत ने कहा, “कम से कम दोनों पक्षों को साथ बैठाने और समाधान तलाशने का प्रयास तो किया जाना चाहिए था। उच्च न्यायालय लगातार निर्देश दे रहा है और अधिकारी दबाव में हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई प्रगति दिखाई नहीं दे रही है।”

उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से इस मामले को गंभीरता से लेने और मंत्रियों या वरिष्ठ नेताओं की एक टीम गठित कर संबंधित पक्षों से बातचीत करने तथा शांतिपूर्ण समाधान सुनिश्चित करने की अपील की।

उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री को स्वयं हस्तक्षेप करना चाहिए और ऐसी टीम बनानी चाहिए जो समय रहते चर्चा कर समाधान निकाले, ताकि मामला शांतिपूर्ण ढंग से सुलझे और सभी को न्याय मिल सके।”

पांचना बांध से पानी छोड़े जाने को लेकर पिछले कुछ सप्ताह से विवाद गहरा गया है। बांध के आसपास रहने वाले ग्रामीण, जो मुख्य रूप से ऊपरी क्षेत्र से हैं और अधिकतर गुर्जर समुदाय से संबंध रखते हैं, जलाशय पर अपने अधिकार का हवाला देते हुए पानी छोड़े जाने का विरोध कर रहे हैं।

दूसरी ओर, निचले क्षेत्र के कमांड एरिया के किसान, जिनमें अधिकांश मीणा समुदाय से हैं, सिंचाई के लिए पानी छोड़े जाने की मांग कर रहे हैं।

इस गतिरोध के कारण दोनों पक्षों की ओर से विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। लोग करौली-गंगापुर सिटी सीमा के पास धरना दे रहे हैं। यह बांध पूर्वी राजस्थान के करौली जिले में स्थित है। इस क्षेत्र में गुर्जर और मीणा दोनों समुदायों की बड़ी आबादी है।

गहलोत ने कहा कि ऐसी परिस्थितियों से यह संदेश जाता है कि राज्य में शासन व्यवस्था कमजोर है।

उन्होंने कहा, “ऐसा प्रतीत होता है मानो राज्य में प्रभावी सरकार ही नहीं है। 15-20 दिन बीत जाने के बाद भी पांचना बांध विवाद के समाधान के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किया गया है।”

गंगापुरसिटी से कांग्रेस विधायक रामकेश मीणा ने कहा कि पांचना बांध से नहरों में पानी छोड़ने की मांग को लेकर आंदोलन दो सप्ताह से अधिक समय से जारी है और इसमें हजारों किसान भाग ले रहे हैं।

उन्होंने कहा कि कई गांवों के समर्थन से आंदोलन को और मजबूती मिली है। उन्होंने मांग की कि उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार बांध से पानी छोड़ा जाना चाहिए।

भाषा बाकोलिया शफीक

शफीक


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