जयललिता के कभी विश्वासपात्र रहे पनीरसेल्वम द्रमुक में शामिल

जयललिता के कभी विश्वासपात्र रहे पनीरसेल्वम द्रमुक में शामिल

जयललिता के कभी विश्वासपात्र रहे पनीरसेल्वम द्रमुक में शामिल
Modified Date: February 27, 2026 / 11:45 am IST
Published Date: February 27, 2026 11:45 am IST

चेन्नई, 27 फरवरी (भाषा) तमिलनाडु के तीन बार मुख्यमंत्री रहे और अन्नाद्रमुक से 2022 में निष्कासित ओ पनीरसेल्वम शुक्रवार को मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की मौजूदगी में सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) में शामिल हो गए।

पनीरसेल्वम ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) की सुप्रीमो दिवंगत जे जयललिता के विश्वासपात्र माने जाते थे। अपने मातृ संगठन में फिर से शामिल होने के लिए तीन साल के असफल प्रयास के बाद वह विरोधी पार्टी द्रमुक में शामिल हो गए।

पनीरसेल्वम अन्नाद्रमुक के कोषाध्यक्ष और पार्टी समन्वयक के शीर्ष पद पर रह चुके थे। वह अपने बेटे पी. रवींद्रनाथ कुमार और समर्थकों के साथ द्रमुक में शामिल हो गए। पन्नीरसेल्वम ने 2006 में द्रमुक के नेतृत्व वाली सरकार बनने के बाद कुछ समय के लिए विपक्ष के नेता के रूप में भी कार्य किया था।

पत्रकारों से बातचीत में पनीरसेल्वम ने द्रमुक में शामिल होने पर खुशी व्यक्त की और अन्नाद्रमुक प्रमुख एडप्पडी के पलानीस्वामी पर निशाना साधते हुए उन्हें ‘तानाशाह’ और ‘अहंकारी’ बताया जिन्होंने हमेशा अन्नाद्रमुक के लिए ‘पराजय’ की स्थिति पैदा कर दी।

यह पूछे जाने पर कि अन्नाद्रमुक से निष्कासन के बाद उन्हें किस स्थिति का सामना करना पड़ा, उन्होंने कहा कि उन्हें अतीत की कोई चिंता नहीं है और वह मुख्यमंत्री स्टालिन के निर्देशों का पालन करेंगे।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्टालिन जनता की जरूरतों को समझते हैं और बिना किसी भेदभाव के सभी वर्गों के लोगों को कल्याणकारी योजनाएं उपलब्ध कराते हैं।

उन्होंने द्रमुक को एक बुरी ताकत बताने से इनकार किया। उन्होंने दावा किया कि आज ऐसी कोई पार्टी नहीं है जो द्रमुक का विरोध कर सके।

भाषा सुरभि मनीषा

मनीषा


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