इन देशों से आने वाले यात्रियों को करानी होगी कोरोना जांच, इस राज्य में प्रशासन ने जारी किए आदेश

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा ‘खतरे’ की श्रेणी में डाले गए देशों से आने वाले उन यात्रियों को गुजरात पहुंचने के बाद कोविड-19 संक्रमण की जांच करवानी होगी जिन्होंने पूर्ण टीकाकरण नहीं कराया है।

Edited By: , November 27, 2021 / 07:50 PM IST

New form of corona virus 'Omicron'

अहमदाबाद, 27 नवंबर (भाषा) केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा ‘खतरे’ की श्रेणी में डाले गए देशों से आने वाले उन यात्रियों को गुजरात पहुंचने के बाद कोविड-19 संक्रमण की जांच करवानी होगी जिन्होंने पूर्ण टीकाकरण नहीं कराया है। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। कोरोना वायरस के नए स्वरूप ‘ओमीक्रोन’ के सामने आने पर दुनिया भर में फैली चिंता के बाद नौ देशों को ‘खतरे’ की श्रेणी में डाला गया है।

राज्य के अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) मनोज अग्रवाल ने कहा, “केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा शुक्रवार को जारी एक पत्र के अनुसार, आने वाले जिन यात्रियों के पास टीकाकरण प्रमाण पत्र नहीं होगा उनके लिए आरटी पीसीआर जांच करवाना अनिवार्य होगा।”

read more: होंडा Honda ने क्रूजर बाइक Rebel के तीन वेरिएंट कर दिया अपडेट, क्या है नया और खास.. देखिए

अग्रवाल ने कहा कि जिन्हें टीके की दोनों खुराक मिल चुकी है, हवाई अड्डे पर उनकी भी जांच होगी और संक्रमण के लक्षण नहीं दिखने पर उन्हें प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन, दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील, बांग्लादेश, बोत्सवाना, चीन, मॉरीशस, न्यूजीलैंड और जिम्बाब्वे को ‘खतरे’ की श्रेणी में रखा गया है। गुजरात में दो अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे हैं- अहमदाबाद और सूरत।

read more: BSP प्रबंधन और CSVTU के बीच जमीन विवाद खत्म | CM की उपस्थिति में संशोधित MoU पर होंगे हस्ताक्षर

राज्य को केंद्रीय गृह मंत्रालय के 11 नवंबर के दिशा निर्देशों का पालन करने को कहा गया है। दिशा निर्देशों में कहा गया है कि ‘खतरे’ की श्रेणी वाले देशों से आने वाले यात्रियों ने टीके की दोनों खुराक ली है तो उन्हें आगमन के बाद 14 दिन तक पृथक-वास में रहना होगा।

टीके की एक खुराक ले चुके यात्रियों या एक भी खुराक नहीं लेने वाले यात्रियों को कोविड-19 जांच के लिए नमूने देने होंगे। ऐसे यात्रियों को घर पर सात दिन के लिए पृथक-वास में रहना होगा और भारत पहुंचने के आठवें दिन एक और जांच करानी होगी।

देश में उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़कर 3,22,327 हुई