पाकिस्तान के नजरिए में बदलाव के बगैर शांति प्रयास संभव नहीं: पूर्व रॉ प्रमुख
पाकिस्तान के नजरिए में बदलाव के बगैर शांति प्रयास संभव नहीं: पूर्व रॉ प्रमुख
मंगलुरू (कर्नाटक), 10 जनवरी (भाषा) भारत की रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) के पूर्व प्रमुख विक्रम सूद ने शनिवार को कहा कि पाकिस्तान के नजरिये में बुनियादी बदलाव के बगैर उसके साथ शांति के प्रयास संभव नहीं हैं। सूद ने भारत की रणनीतिक ताकत और आत्मनिर्भरता की जरूरत पर बल दिया।
यहां मंगलूरू साहित्य उत्सव में एक सत्र को संबोधित करते हुए सूद ने कहा कि पाकिस्तान की स्थापित नीतियों और बार बार शत्रुता निभाने की आदत को देखते हुए उसके साथ समझौते या बातचीत का कोई खास फायदा नहीं है।
उन्होंने कहा कि जब तक पाकिस्तान अपनी रणनीतिक रूपरेखा में बदलाव नहीं करता है, तब तक उसके साथ कोई बातचीत सफल होने की संभावना नहीं है।
सूद ने यूक्रेन, इजराइल और वेनेजुएला में अमेरिका के हस्तक्षेप की आलोचना करते हुए कहा कि अमेरिका की विदेश नीति अक्सर एकतरफा प्रभाव की धारणा के तहत समस्याएं पैदा करती है।
उन्होंने कहा, “ताकत और सैन्य क्षमता प्रभावी शासन के लिए आवश्यक हैं। चीन अपनी विनिर्माण स्वतंत्रता के चलते ही अमेरिका के आर्थिक दबदबे को चुनौती देने में समर्थ है। वहीं अमेरिका अपनी सैन्य ताकत के बावजूद 1940 के दशकों से परंपरागत युद्धों में प्रत्यक्ष विजेता नहीं रहा है।”
भारत की कूटनीतिक रणनीति पर सूद ने कहा कि इस देश को अमेरिका और चीन जैसी प्रमुख शक्तियों के साथ तार्किक रूप से जुड़ना चाहिए। उन्होंने बालाकोट हवाई हमला और उरी जवाबी हमला सहित हाल के भारतीय सैन्य ऑपरेशन का हवाला देते हुए कहा कि ये हमले भारत की बढ़ती रणनीतिक दृढ़ता के संकेतक हैं।
भाषा सं राजेंद्र सिम्मी
सिम्मी

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