पेंशन धारकों ने 2025-26 में 1.9 करोड़ डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र बनवाए

पेंशन धारकों ने 2025-26 में 1.9 करोड़ डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र बनवाए

पेंशन धारकों ने 2025-26 में 1.9 करोड़ डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र बनवाए
Modified Date: April 1, 2026 / 05:10 pm IST
Published Date: April 1, 2026 5:10 pm IST

नयी दिल्ली, एक अप्रैल (भाषा) सरकार ने बुधवार को लोकसभा को बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष में पेंशनभोगियों द्वारा 1.9 करोड़ डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र (डीएलसी) बनवाए गए।

सभी पेंशनभोगियों को पेंशन भुगतान जारी रखने के लिए जीवन प्रमाण पत्र जमा करना अनिवार्य है।

केंद्रीय कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि बुजुर्ग, अति वरिष्ठ और दिव्यांग पेंशनभोगियों को डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जमा करने में आ रही कठिनाइयों को दूर करने के लिए, 2022 से हर साल 1 से 30 नवंबर तक राष्ट्रव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र (डीएलसी) अभियान चलाए गए हैं, जिनमें चिह्नित जिलों/शहरों/कस्बों के विभिन्न स्थानों पर शिविर आयोजित किए जाते हैं।

उन्होंने बताया कि सरकार ने चेहरा सत्यापन तकनीक शुरू की है, जिसके तहत डीएलसी बनवाने के लिए केवल एक स्मार्टफोन की आवश्यकता होती है।

मंत्री ने कहा, “1 अप्रैल 2025 से 24 मार्च 2026 तक कुल 1.9 करोड़ डीएलसी जारी किए गए, जिनमें 1.15 करोड़ डीएलसी चेहरे की पहचान वाली तकनीक से जारी किए गए थे। 80 वर्ष से अधिक आयु के सुपर सीनियर पेंशनभोगियों द्वारा 14.16 लाख से अधिक डीएलसी बनवाए गए।”

सिंह ने कहा कि सभी पेंशन वितरण बैंकों को निर्देश दिया गया है कि वे उन पेंशनभोगियों की नियमित रिपोर्ट तैयार करें जिन्होंने डीएलसी जमा नहीं किए हैं और यह सुनिश्चित करें कि पेंशन की निरंतरता के लिए डीएलसी प्राप्त किए जाएं।

भाषा वैभव हक

हक


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