युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न बंद होना चाहिए, कानूनी सहायता का मौका मिले: कांग्रेस

युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न बंद होना चाहिए, कानूनी सहायता का मौका मिले: कांग्रेस

युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न बंद होना चाहिए, कानूनी सहायता का मौका मिले: कांग्रेस
Modified Date: February 23, 2026 / 06:18 pm IST
Published Date: February 23, 2026 6:18 pm IST

नयी दिल्ली, 23 फरवरी (भाषा) कांग्रेस ने ‘एआई समिट’ में विरोध प्रदर्शन के मामले में अपनी युवा इकाई के कई कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी एवं हिरासत में लिए जाने की निंदा करते हुए सोमवार को कहा कि युवा कांग्रेस के लोगों का उत्पीड़न बंद होना चाहिए तथा उन्हें कानूनी सहायता हासिल करने का मौका मिलना चाहिए।

पार्टी सांसद शशिकांत सेंथिल, हरीश मीणा, वरुण चौधरी और कुछ अन्य कांग्रेस सांसदों ने एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में यह भी कहा कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन को अपराध नहीं माना जा सकता।

सेंथिल ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘युवा कांग्रेस के चार साथियों पर गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। यह बात दिल्ली तक ही सीमित नहीं है। देशभर में युवा कांग्रेस के सदस्यों को निशाना बनाया जा रहा है। चार सहयोगियों को मध्यप्रदेश में हिरासत में लिया गया है और तीन को कल उत्तर प्रदेश में हिरासत में लिया गया था। यहां तक ​​कि ऐसे व्यक्तियों को भी निशाना बनाया जा रहा है जो वहां मौजूद नहीं थे।’’

उन्होंने दावा किया कि युवा कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु चिब को भी हिरासत में लिया गया और यह मोदी सरकार द्वारा इस युवा संगठन के खिलाफ रची गई साजिश की ओर इशारा करता है।

सेंथिल ने कहा, ‘‘लगभग 200-300 पुलिसकर्मियों ने युवा कांग्रेस के कार्यालय को घेर लिया है, जबकि वहां राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक चल रही है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘यह उत्पीड़न बंद होना चाहिए। शांतिपूर्ण विरोध को अपराध या धमकी के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। युवा लोगों को सवाल पूछने का अधिकार है, खासकर जब परिस्थितियां जवाबदेही की मांग करती हैं। किसी पूरे संगठन या उससे जुड़े लोगों के परिवारों को निशाना बनाने का कोई औचित्य नहीं है।’’

सेंथिल ने कहा, ‘‘हम हिरासत में लिए गए सभी व्यक्तियों की गिरफ्तारी के सटीक आधार सहित प्राथमिकी विवरण का पूरा खुलासा करने की मांग करते हैं। सरकार को सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों का खुलासा करना चाहिए जिनके आधार पर ऐसी गंभीर धाराएं लगाई गई हैं।’’

उन्होंने यह सुनिश्चित करने की मांग भी की कि हिरासत में लिए गए सभी व्यक्तियों और उनके परिवारों को तत्काल कानूनी सहायता मिल सके।

सेंथिल ने कहा, ‘‘अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण विरोध में भाग लेने वाले लोगों के परिवारों के खिलाफ राज्य की शक्ति का दुरुपयोग न हो।’’

भाषा हक

हक नेत्रपाल

नेत्रपाल


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