वकीलों के कार्यालय पर संपत्ति कर को चुनौती देने वाली याचिका: अदालत ने एमसीडी को रुख बताने कहा

वकीलों के कार्यालय पर संपत्ति कर को चुनौती देने वाली याचिका: अदालत ने एमसीडी को रुख बताने कहा

वकीलों के कार्यालय पर संपत्ति कर को चुनौती देने वाली याचिका: अदालत ने एमसीडी को रुख बताने कहा
Modified Date: November 29, 2022 / 08:07 pm IST
Published Date: October 7, 2020 10:20 am IST

नयी दिल्ली, सात अक्टूबर (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने वकीलों के कार्यालयों पर वाणिज्यिक संपत्ति कर लगाये जाने को चुनौती देने वाली एक याचिका पर बुधवार को शहर के तीनों नगर निगमों को जवाब देने का निर्देश दिया।

मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति प्रतीक जालान की पीठ ने तीनों नगर निगमों — दक्षिण दिल्ली नगर निगम, पूर्वी दिल्ली नगर निगम और उत्तरी दिल्ली नगर निगम– को नोटिस जारी कर दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की याचिका पर अपना रुख बताने को कहा।

एसोसिएशन ने यह याचिका अपने अध्यक्ष मोहित माथुर और सचिव अभिजात के मार्फत दायर की है।

अदालत ने एसोसिएशन को अपने सदस्यों को अपनी आवासीय संपत्ति का ‘‘टैक्स रिटर्न’’ भरने की सलाह देने को भी कहा।

याचिका के जरिये नगर निगमों के उस फैसले को चुनौती दी गई है, जो अधिवक्ता द्वारा अपने परिसर का उपयोग किये जाने को ‘‘वाणिज्यिक गतिविधि’’ मानने और उसके अनुरूप कर लगाने का प्रावधान करता है।

भाषा सुभाष मनीषा

मनीषा


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