बीसीआई में महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए याचिका दायर

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बीसीआई में महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए याचिका दायर

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  • Publish Date - May 21, 2026 / 05:50 PM IST,
    Updated On - May 21, 2026 / 05:50 PM IST

नयी दिल्ली, 21 मई (भाषा) बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) ने राज्य बार काउंसिल में 30 प्रतिशत महिलाओं का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए योग्यता-आधारित ‘सह-विकल्प’ तंत्र को मंजूरी की खातिर उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर की है।

बार काउंसिल की सर्वोच्च संस्था बीसीआई ने 10 प्रतिशत ‘सह-विकल्प’ कोटा को व्यक्तिपरक नियुक्तियों के बजाय, निर्वाचित नहीं होने वाले उम्मीदवारों में से सबसे अधिक वोट प्राप्त करने वाली महिला उम्मीदवारों के चयन के जरिए भरने का प्रस्ताव दिया है।

इस प्रस्ताव का उद्देश्य प्रत्यक्ष चुनाव के माध्यम से महिलाओं के लिए आरक्षित 20 प्रतिशत सीटों का पूरक बनना है जिससे कुल प्रतिनिधित्व उच्चतम न्यायालय द्वारा पूर्व निर्धारित 30 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा।

बीसीआई के अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता मनन कुमार मिश्रा ने एक बयान में कहा कि बार निकाय ने राज्य बार काउंसिल में महिला सदस्यों के ‘सह-विकल्प’ पर उच्चतम न्यायालय द्वारा नियुक्त उच्चाधिकार प्राप्त चुनाव पर्यवेक्षी समिति के समक्ष हितधारकों द्वारा प्रस्तुत सुझावों पर विचार किया है।

बीसीआई ने कहा कि यह मुद्दा केवल सीटों को भरने से संबंधित नहीं है बल्कि एक व्यापक संस्थागत उद्देश्य से भी जुड़ा है, जो यह सुनिश्चित करना है कि महिला अधिवक्ताओं को बार की प्रतिनिधि संरचना में उचित स्थान मिले।

बीसीआई ने कहा कि उन महिला उम्मीदवारों में से ‘‘सह-विकल्प’’ चुना जाएगा जिन्होंने सबसे अधिक वोट प्राप्त किए लेकिन महिलाओं के लिए निर्धारित 20 प्रतिशत प्रतिनिधित्व के अंतर्गत निर्वाचित नहीं हो सकीं।

अपनी याचिका में बीसीआई ने कहा कि चुनाव में मामूली अंतर से हारने वाली महिलाओं के लिए ‘सह-विकल्प’ कोटा पूरा करने का सबसे लोकतांत्रिक तरीका है।

भाषा अविनाश नरेश

नरेश