दवा कंपनियां नयी औषधियों के बाजार में आने की वास्तविक तिथि से सुरक्षा रिपोर्ट दाखिल करें:नियामक
दवा कंपनियां नयी औषधियों के बाजार में आने की वास्तविक तिथि से सुरक्षा रिपोर्ट दाखिल करें:नियामक
नयी दिल्ली, 10 मई (भाषा) भारत के औषधि नियामक ने दवा निर्माताओं और आयातकों को निर्देश दिया है कि वे नयी दवाओं के लिए आवधिक सुरक्षा अद्यतन रिपोर्ट (पीएसयूआर) नियामक मंजूरी मिलने की तारीख से नहीं बल्कि दवा के बाजार में आने की वास्तविक तारीख से जमा करें।
यह कदम दवाओं के बाजार में आने के बाद इसकी सुरक्षा निगरानी को मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने 21 अप्रैल को एक परामर्श जारी कर कहा कि उसने ऐसे उदाहरण देखे हैं जहां कंपनियों ने एक नयी दवा के लिए मंजूरी प्राप्त कर ली, लेकिन उत्पाद को बाजार में बहुत बाद में पहुंचाया तथा दवा के बाजार में आने की तारीख के बजाय मंजूरी मिलने की तारीख से पीएसयू डेटा प्रस्तुत किया।
सीडीएससीओ ने कहा कि ऐसा करने से ‘‘महत्वपूर्ण सुरक्षा संबंधी जानकारियां’’ प्राप्त नहीं होती हैं जबकि दवाओं के बाजार में आने के बाद दुष्प्रभावों की निगरानी और रोगी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इन जानकारियों का प्राप्त करना बहुत जरूरी है।
नयी औषधियां और नैदानिक परीक्षण नियमावली, 2019 की पांचवीं अनुसूची के तहत, निर्माताओं और आयातकों को दवाओं के बाजार में लाने के बाद दवा सुरक्षा निगरानी के हिस्से के रूप में पीएसयू प्रस्तुत करना आवश्यक है।
परामर्श में कहा गया है, ‘‘इन सभी को ध्यान में रखते हुए, सभी निर्माताओं/आयातकों को निर्देश दिया जाता है कि वे कड़ाई से नियम का अनुपालन सुनिश्चित करें।’’
नियामक के अनुसार, पीएसयूआर जमा करने की समयसीमा अब नयी दवा के बाजार में आने की वास्तविक तिथि से शुरू होगी, ‘‘भले ही दवा को मंजूरी पहले ही मिल चुकी हो’’।
भारत के औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) द्वारा जारी परामर्श में भी कहा गया है कि आमतौर पर किसी नयी दवा के सभी डोज रूप, फॉर्मूलेशन और संकेत एक ही पीएसयूआर में शामिल होने चाहिए ताकि एक जैसी रिपोर्ट को बार-बार जमा करने से बचा जा सके।
भाषा यासिर राजकुमार
राजकुमार

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