चंडीगढ़, 28 जुलाई (भाषा) पंजाब विश्वविद्यालय के माइक्रोबायोलॉजी विभाग की 28 वर्षीय पीएचडी शोधार्थी की मंगलवार को परिसर में कथित तौर पर करंट लगने से मौत हो गई। घटना के बाद छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि यह घटना तब हुई, जब 28 वर्षीय ज्योति अपने हॉस्टल से विभाग की ओर जा रही थी। अधिकारियों के मुताबिक, इलाके में बारिश का पानी भर जाने के कारण उसने एक कच्चे रास्ते का इस्तेमाल किया, और इस दौरान वह कथित तौर पर पास के एक बिजली के जंक्शन बॉक्स से प्रवाहित हो रहे करंट की चपेट में आ गई।
ज्योति माइक्रोबायोलॉजी विभाग से पीएचडी कर रही थी। घटना की सूचना उसके परिजनों को दे दी गई है।
छात्रों ने कुलपति कार्यालय के बाहर धरना देकर बिजली व्यवस्था के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। एक प्रदर्शनकारी छात्र ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना है और कोई भी इसकी जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है।
विश्वविद्यालय की कुलपति रेणु विग ने छात्रों से शांत रहने की अपील करते हुए कहा कि घटना दुखद है। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की जांच कर जिम्मेदारी तय की जाएगी और यदि कोई दोषी पाया गया, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
भाषा
राखी दिलीप
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