पायलट संगठन ‘एफआईपी’ की एआई171 विमान हादसे में विद्युत गड़बड़ी की संभावना की जांच की सरकार से मांग

पायलट संगठन ‘एफआईपी’ की एआई171 विमान हादसे में विद्युत गड़बड़ी की संभावना की जांच की सरकार से मांग

पायलट संगठन ‘एफआईपी’ की एआई171 विमान हादसे में विद्युत गड़बड़ी की संभावना की जांच की सरकार से मांग
Modified Date: May 5, 2026 / 10:33 pm IST
Published Date: May 5, 2026 10:33 pm IST

नयी दिल्ली, पांच मई (भाषा) पायलटों के संगठन ‘एफआईपी’ ने कहा है कि विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) को इस बात की जांच करनी चाहिए कि क्या ‘उड़ान भरने से पहले हुई विद्युत गड़बड़ी’ के कारण ईंधन स्विच बंद हो गए थे, जिसके फलस्वरूप पिछले साल जून में एअर इंडिया का ड्रीमलाइनर विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। उक्त दुर्घटना में 260 लोगों की जान चली गयी थी।

अहमदाबाद हवाई अड्डे से 12 जून, 2025 को उड़ान भरने के तुरंत बाद लंदन गैटविक जा रहा बोइंग 787-8 विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।

विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो ने दुर्घटना पर पिछले साल 12 जुलाई को जारी अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में कहा था कि विमान के दोनों इंजनों में ईंधन की आपूर्ति एक सेकंड के भीतर बंद हो गई, जिससे उड़ान भरने के तुरंत बाद कॉकपिट में अफरा-तफरी मच गई।

रिपोर्ट में कहा गया था, ‘‘कॉकपिट की वॉयस रिकॉर्डिंग में, एक पायलट दूसरे से पूछता हुआ सुनाई देता है कि उसने ईंधन आपूर्ति क्यों बंद की। दूसरे पायलट ने जवाब दिया कि उसने ऐसा नहीं किया।’’

हालांकि एएआईबी की अंतिम रिपोर्ट अभी आनी बाकी है, लेकिन कुछ हलकों में विमान में विद्युत प्रणालियों के साथ-साथ ईंधन नियंत्रण स्विच के कामकाज के बारे में भी चिंताएं जताई गई हैं।

इस पृष्ठभूमि में, एफआईपी ने विमान के उड़ान भरने से पहले उसमें संभावित विद्युत गड़बड़ी के बारे में नागरिक उड्डयन मंत्रालय को पत्र लिखा है।

एफआईपी ने एक मई को नागरिक उड्डयन मंत्रालय को लिखे पत्र में कहा, ‘‘लिथियम-आयन बैटरी की खराबी, असामान्य वोल्टेज के तहत रिले के व्यवहार और बोइंग 787 के विद्युत डिजाइन के आधार पर, उड़ान भरने से पहले की विद्युत गड़बड़ी पायलट के इनपुट के बिना अनजाने में रिले संचालन और दोहरे इंजन ईंधन कट-ऑफ का कारण हो सकती है।’’

अन्य जांच रिपोर्ट का हवाला देते हुए और अनुलग्नक संलग्न करते हुए, एफआईपी ने अपनी दलीलों में कहा कि विद्युत गड़बड़ी को एक परीक्षण योग्य परिकल्पना माना जा सकता है और आईआईटी बंबई, वैमानिकी विकास एजेंसी या हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड द्वारा विस्तृत विद्युत विश्लेषण से इसकी जांच करायी जा सकती है।

एफआईपी ने कहा, ‘‘जब तक यह विश्लेषण नहीं हो जाता, तकनीकी कारणों से इनकार नहीं किया जा सकता है।’’

उसने कहा, ‘‘हमने अपने पिछले पत्रों और ईमेल में भी बी787 पर सिम्युलेटर सत्र आयोजित करके एएआईबी की प्रारंभिक रिपोर्ट में दिए गए समय की पुष्टि करने का अनुरोध किया था।’’

पिछले साल सितंबर में, उच्चतम न्यायालय ने 12 जून को हुए एअर इंडिया विमान हादसे पर प्रारंभिक रिपोर्ट के चुनिंदा प्रकाशन को ‘दुर्भाग्यपूर्ण और गैरजिम्मेदाराना’ करार दिया था, जिसमें पायलटों की ओर से हुई चूक को रेखांकित किया गया था।

भाषा राजकुमार अमित

अमित


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