पिनराई विजयन और एलडीएफ को तीसरी बार सत्ता नहीं मिलेगी: जी सुधाकरन

पिनराई विजयन और एलडीएफ को तीसरी बार सत्ता नहीं मिलेगी: जी सुधाकरन

पिनराई विजयन और एलडीएफ को तीसरी बार सत्ता नहीं मिलेगी: जी सुधाकरन
Modified Date: March 19, 2026 / 12:45 pm IST
Published Date: March 19, 2026 12:45 pm IST

अलप्पुझा (केरल), 19 मार्च (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के पूर्व नेता जी. सुधाकरन ने बृहस्पतिवार को कहा कि पिनराई विजयन और वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) को तीसरी बार सत्ता में आने का मौका नहीं मिलेगा, क्योंकि वामपंथी पार्टी का नेतृत्व ‘‘राजनीतिक रूप से विफल’’ रहा है, जबकि कांग्रेस और यूडीएफ के विजेता बनने की संभावना दिखाई दे रही है।

हाल ही में अंबालाप्पुझा विधानसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने का फैसला करने वाले सुधाकरन ने यह टिप्पणी एक पोस्ट में की।

चार बार के विधायक और पूर्व मंत्री सुधाकरन ने अपनी पार्टी की सदस्यता का नवीनीकरण नहीं कराने का निर्णय लिया। उन्होंने दावा किया कि उन्हें और उनके परिवार को माकपा कार्यकर्ताओं के ऑनलाइन हमलों का सामना करना पड़ा और उन्हें पार्टी के जिला नेतृत्व से भी उचित मान्यता नहीं मिली।

उनके निर्णय के बाद, माकपा ने उनके खिलाफ रैली आयोजित की।

अपने पोस्ट में सुधाकरन ने कहा कि उन्होंने छह दशकों से अधिक समय तक कम्युनिस्ट आंदोलन में सदस्य और नेतृत्व के रूप में काम किया, लेकिन पिछले कई वर्षों से वह अपने राजनीतिक कार्यों को निडरता और ईमानदारी से जारी नहीं रख पाए।

उन्होंने कहा कि भ्रष्ट लोगों और ‘‘अपराध और माफिया राजनीति’’ में लिप्त लोगों के खिलाफ उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने का फैसला किया।

उन्होंने अपने पोस्ट में दावा किया कि एलडीएफ उनका विरोध कर रहा है और लगातार गलत प्रचार कर रहा है, लेकिन इसका आम जनता पर असर नहीं हुआ।

उन्होंने कहा कि एलडीएफ नेतृत्व ने खुले तौर पर उन्हें ‘‘अपमानित किया, अपशब्द कहे और गलत जानकारी फैलाई’’, लेकिन कांग्रेस नीत यूडीएफ ने अपने शब्दों और सहयोगात्मक कार्यों के माध्यम से ‘‘समझदारी भरा’’ रुख अपनाया।

सुधाकरन ने कहा, ‘‘माकपा नेतृत्व राजनीतिक रूप से विफल रहा, वहीं विपक्ष और विशेष रूप से कांग्रेस ने राजनीतिक सफलता हासिल की है।’’

सुधाकरन ने कहा, ‘‘इसके परिणामस्वरूप मुख्यमंत्री का तीसरी बार सत्ता में आने का सपना चकनाचूर हो रहा है।’’

भाषा मनीषा शोभना

शोभना


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