पिनराई विजयन के सुरक्षाकर्मियों का निलंबन एसआईटी रिपोर्ट पर आधारित है: सतीशन

पिनराई विजयन के सुरक्षाकर्मियों का निलंबन एसआईटी रिपोर्ट पर आधारित है: सतीशन

पिनराई विजयन के सुरक्षाकर्मियों का निलंबन एसआईटी रिपोर्ट पर आधारित है: सतीशन
Modified Date: May 26, 2026 / 09:43 pm IST
Published Date: May 26, 2026 9:43 pm IST

तिरुवनंतपुरम/दिल्ली, 26 मई (भाषा) केरल के मुख्यमंत्री वी डी सतीशन ने पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों के निलंबन के फैसले का बचाव करते हुए मंगलवार को कहा कि यह कार्रवाई दो साल पहले अलप्पुझा में युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर हुए कथित हमले के संबंध में की गई। उन्होंने यह भी कहा कि यह कार्रवाई विशेष जांच दल (एसआईटी) की रिपोर्ट के आधार पर की गई थी।

सतीशन ने नयी दिल्ली में संवाददाताओं से कहा कि पुलिस ने पहले अदालत के समक्ष यह झूठा दावा करके मामले को कमजोर करने की कोशिश की थी कि हमले का कोई वीडियो या दृश्य प्रमाण मौजूद नहीं हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि निलंबन किसी राजनीतिक बदले की भावना का हिस्सा नहीं है।

सतीशन ने आरोप लगाया कि अदालत द्वारा पुन: जांच का आदेश दिए जाने के बावजूद, पुलिस ने जांच में देरी की, जिसके बाद मौजूदा सरकार ने एक विशेष जांच दल का गठन किया और उसकी रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई शुरू की।

सतीशन ने कहा, “यह कार्रवाई प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर की गई है। इस मामले में कई तरह की गड़बड़ी की गयी थी। विजयन के नेतृत्व वाली कैबिनेट की नव केरल यात्रा के दौरान युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर हमला तत्कालीन मुख्यमंत्री के उस क्षेत्र से गुजरने के बाद हुआ था।”

उन्होंने कहा कि नव केरल यात्रा के दौरान हुए हमले के दृश्य बेहद विचलित करने वाले और अविस्मरणीय हैं, खासकर जो लोग बच्चों के साथ थे।

उन्होंने कहा, “इसीलिए मैंने कहा कि कुछ घटनाएं ऐसी होती हैं जिन्हें भुलाया नहीं जा सकता।”

इस सवाल के जवाब में कि क्या उन वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, जिन्होंने कथित तौर पर मामले को पटरी से उतारने की कोशिश की, सतीशन ने कहा कि यह केवल पहला कदम है और आश्वासन दिया कि जांच रिपोर्ट की विस्तृत जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।

इससे पहले दिन में, विजयन की सुरक्षा में तैनात पांच पुलिस अधिकारियों को अलप्पुझा में 2023 में उनके खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान दो युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर कथित हमले के सिलसिले में निलंबित कर दिया गया।

पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार द्वारा सत्ता संभालने के तुरंत बाद मामले की दोबारा जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) की रिपोर्ट के आधार पर की गई।

सात सदस्यीय एसआईटी का नेतृत्व पुलिस अधीक्षक ए पी शौकतअली कर रहे थे।

पुलिस प्रवक्ता ने पुष्टि की कि पूर्व मुख्यमंत्री के ‘गनमैन’ सहित पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है।

प्रवक्ता ने बताया कि राज्य पुलिस प्रमुख ने एसआईटी को पुनर्जांच पूरी कर एक महीने के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।

भाषा राखी सुरेश

सुरेश


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